अफजलगढ के गांव मुरलीवाला निवासी रूपक उर्फ दीपक सिरोही का बेटा अनिरुद्ध उर्फ कुश सिरोही चांदपुर गांव हिरनाखेड़ी में नाना विरेंद्र सिंह के घर रहकर पढ़ता था। सोमवार देर शाम विरेंद्र सिंह भैंसा बुग्गी लेकर निकले। बुग्गी पर धेवता अनिरुद्ध सिरोही और पौत्र प्रेरित उर्फ लव पुत्र जितेंद्र सिंह भी बैठ गया। कुछ दूर चलने के बाद अचानक भैंसा बिदककर तेज भागने लगा। बुग्गी अनियंत्रित हो गई।
बुग्गी का पहिया किसी भारी वस्तु से टकराया और वह पलट गई। बुग्गी के नीचे दबने से दोनों बालक घायल हो गए। घायलों को चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मौत से दोनों परिवारों में गम छा गया। गमगीन माहौल में दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
विरेंद्र सिंह को लगा गहरा सदमा
नाना चारा लाने के लिए बुग्गी लेकर निकले तो अनिरुद्ध उर्फ कुश भी सवार हो गया। कुश के साथ उसका ममेरा भाई प्रेरित उर्फ लव भी साथ हो लिया। विरेंद्र सिंह बुग्गी चला रहे थे, रास्ते में हादसा हुआ तो उनकी आंखों के सामने ही धेवता और पौत्र बुग्गी के नीचे दब गए। इस हादसे ने विरेंद्र सिंह के बेटे और बेटी की एकसाथ ही दुनिया उजाड़ दी।
गांव मुरलीवाला निवासी रूपक सिरोही के बेटे कुश को अपनी ननिहाल से बेहद लगाव रहा। मामा और नाना भी कुश से बेहद प्यार करते थे। यही वजह रही कि कुश अपने नाना के यहां रहकर पढ़ रहा था। कुश फीना के स्कूल में आठवीं, जबकि लव एलकेजी में पढ़ रहा था।
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