भाकियू ने बारिश से तबाह फसलों का मांगा मुआवजा
धामपुर। भाकियू (लोकशक्ति) के कार्यकर्ताओं ने खादर क्षेत्र में भयंकर बारिश के कारण तबाह हो चुकी फसलों का बाजार भाव से मुआवजा दिलाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की नाकामी के कारण बंधों के टूटने से नदियों के किनारे खेतों में फसलें जलमग्न होने से बर्बाद हुई हैं। कार्यकर्ताओं ने सीएम को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम प्रतिनिधि को सौंपा।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने किसानों की बर्बादी के लिए प्रदेश व केंद्र की सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। बताया कि गांव नंदगांव में छह माह पहले लाखों की लागत से बना बंधा खोनदी के तेज प्रवाह नहीं झेल पाया और पानी में बह गया। गांव नाथाडोई, मुुकुरपुरी, सिपाहियोवाला, तिपरजोत सहित कई गांवों के सैकड़ों किसानों की हजारों हेक्टेयर में लहलहाती धान, दलहनी और तिलहनी फसलें पानी में डूबकर से खत्म हो गईं हैं। गन्ने की फसल भी जलमग्न होने से बर्बाद होने की स्थिति में है।
कार्यकर्ताओं ने सरकार से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिलाने, मंहगाई पर रोक लगाने, बिजली की बढ़ी दरों को खत्म करने, रासायनिक खादों एवं कीटनाशक की बढ़ी दरों को वापस लेने, लखीमपुर कांड में किसानों की हत्या शामिल आरोपियों को जेल भेजने, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने, डीजल, पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को वापस लेने, एलपीजी गैस के दामों पर रोक लगाने, सत्र 2021-22 पेराई सत्र का गन्ना मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल कर 14 दिनों के भीतर पूर्ण भुगतान किए जाने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में घनश्याम सिंह पांडेय, प्रदीप कुमार, सोनू सिंह, बिटटू सिंह, विजय पाल सिंह, भूपेंद्र सिंह, निर्देश कुमार, आदित्य, राजवीर सिंह, अनुराग सिंह, अरुण कुमार, अर्जुन सिंह आदि रहे।