बिजनौर में सपा, कांग्रेस से गठबंधन नहीं होता देख रालोद ने चुनाव मैदान में प्रत्याशी उतारने शुरू कर दिए हैं। रालोद ने जिले की चार सीटों पर अपने पत्ते खोल दिए हैं। रालोद ने चांदपुर सीट पर पूर्व कमिश्नर एसके वर्मा व नजीबाबाद सीट पर धामपुर की पूर्व चेयरपर्सन लीना सिंघल पर दांव खेला है। दोनों नेता भाजपा का टिकट मांग रहे थे। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर दोनों ने रालोद का दामन थाम लिया। इनके अलावा बिजनौर सीट पर रालोद ने राहुल सिंह व नहटौर सीट पर चंद्रपाल वाल्मीकि को प्रत्याशी बनाया है।
सपा, कांग्रेस व रालोद में गठबंधन होता देख रालोद का कुनबा भी बढ़ने लगा था। रालोद से टूटे नेता फिर से पार्टी से जुड़ने लगे थे। गठबंधन बिखर जाने पर कई नेताओं ने अपने पांव पीछे खींच लिए और रालोद से दूरी बना ली। जिले की आठ विधानसभा सीटों पर रालोद काफी समय से मजबूत प्रत्याशी तलाश रही थी। रालोद को मजबूत प्रत्याशी नहीं मिल पा रहे थे। भाजपा से बिजनौर सीट से पूर्व कमिश्नर एसके वर्मा व नजीबाबाद सीट से धामपुर की पूर्व चेयरपर्सन लीना सिंघल टिकट मांग रही थी। दोनों काफी दिनों से चुनाव की तैयारी कर रहे थे। भाजपा हाईकमान ने दोनों में से किसी को टिकट नहीं दिया।
इस बात से नाराज होकर एसके वर्मा व लीना सिंघल ने शनिवार को रालोद का दामन थाम लिया। पिछले कई दिनों से दोनों नेता रालोद नेताओं के संपर्क में थे। रालोद ने नजीबाबाद सीट पर लीना सिंघल व चांदपुर सीट पर पूर्व कमिश्नर एसके वर्मा पर दांव खेला है। इसके अलावा नहटौर सीट पर चंद्रपाल वाल्मीकि व बिजनौर सीट पर प्रदेश महासचिव राहुल सिंह को प्रत्याशी बनाया है। रालोद ने अभी नूरपुर, धामपुर, नगीना व बढ़ापुर सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। रालोद नेता बाकी सीटों पर प्रत्याशी उतारने के लिए दूसरी पार्टियों के जिले के दमदार नेताओं पर डोरे डाल रहे हैं। बाकी सीटों पर भी जल्द प्रत्याशी घोषित होने वाले हैं।