शहरी हो गए, सुविधाएं गांव से भी बदतर
बिजनौर। सिर्फ कहने भर को ही राघवपुरम कॉलोनी शहर में शामिल है। इस कॉलोनी से बेहतर सड़कें को आसपास के गांव में मिल जाएंगी। दरअसल, कॉलोनी में कई रास्ते अब भी कच्चे हैं। जिन पर सीसी रोड तो छोड़िए खड़ंजा भी नहीं लगा है। अन्य कई सड़कें भी खस्ताहाल हो चुकी हैं।
बिजनौर शहर में पराग डेयरी के पास राघवपुरम कॉलोनी करीब पंद्रह साल पहले विकसित हुई। गांव से आए लोगों ने इस कॉलोनी में प्लॉट खरीदे और मकान बना लिए। ये शहरी तो हो गए, लेकिन सुविधाएं गांव से भी बद्दतर मिलीं। क्योंकि राघवपुरम कॉलोनी में अभी कई रास्ते कच्चे हैं। एक ईंट भी इन पर नहीं लगी। वहीं दूसरी सड़कों का हाल बदहाल है। सड़कों के दोनों तरफ नाली भी नहीं है। बरसात होती है तो सड़कों पर पानी भर जाता है। यहां न पानी की निकासी का प्रबंध है और न ही अच्छी सड़क।
एक साल पहले यह कॉलोनी पालिका की सीमा में शामिल हो गई। लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब कुछ बेहतर होगा। फिर भी इस कॉलोनी में सुध नहीं ली गई। सड़क बनने की बात तो छोड़िए बनाने के लिए कोई सर्वे करने भी नहीं पहुंचा है। यह भी कहना मुश्किल है कि अभी इस कॉलोनी के लोगों को कितना और इंतजार करना होगा। टूटी और कच्ची सड़क से चलना इनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। न किसी से शिकायत है और न ही शिकवा। इसके अलावा कॉलोनी में सड़क के दोनों के ओर झाड़ियां भी देखने को मिल जाएंगी।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
कॉलोनी में रहने वाले गजेंद्र ने बताया कि एक साल पहले पालिका में यह कॉलोनी शामिल हो गई थी। इससे पहले ग्राम पंचायत में थे, लेकिन कॉलोनी में कोई सड़क नहीं बनवाई, अब पालिका भी कोई विकास कराने को तैयार नहीं है। नितिन का कहना है कि कॉलोनी के गड्ढे वाले रास्तों से आना जाना उनकी आदत में शामिल हो गया है। लगता नहीं है कि इस कॉलोनी के रास्तों के दिन सुधर जाएंगे। बार-बार कहने के बाद भी कोई सुनने को तैयार नहीं है। दीपक ने बताया कि कॉलोनी से अच्छे रास्ते तो अब गांव में हैं। इस कॉलोनी की सड़क टूटी पड़ी है। रात के वक्त कॉलोनी में अंधेरा पसर जाता है। कोई स्ट्रीट लाइट या प्रकाश की व्यवस्था नहीं हो सकी। गढ़ी गांव की टंकी से पानी आता है।
बिजनौर के मोहल्ला राघवपुरम के नितिन।- फोटो : BIJNOR
बिजनौर के मोहल्ला राघवपुरम के दीपक।- फोटो : BIJNOR
बिजनौर के मोहल्ला राघवपुरम के गजेंद्र सिंह।- फोटो : BIJNOR