फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीडीसी सदस्य को उठाने की कोशिश

Thu, 28 Jan 2016 11:31 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर में हल्दौर ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में एक महिला बीडीसी सदस्य को लेकर गांव मोमिनपुर दर्गो में बवाल खड़ा हो गया। सपा विधायक दल से निष्कासित विधायक रुचिवीरा, खुशनूद खां समेत 24 लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में बीडीसी सदस्य को अगवा करने की कोशिश, जानलेवा हमला, बलवा करने, एससी एक्ट समेत कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट में विधायक रुचिवीरा समेत 12 लोगों को नामजद किया गया है बाकी को अज्ञात में दर्शाया गया है। रिपोर्ट दर्ज होने से रुचिवीरा के समर्थकों में खलबली मची है।
विज्ञापन



जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की तरह ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की सियासत में भी गरमाहट आ गई है। हल्दौर ब्लाक प्रमुख के चुनाव में सपा नेता उदयपाल सिंह की पुत्रवधू आंचल सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही है। गांव अगरी निवासी सुनील की पत्नी सर्वेश राज निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में है। सर्वेश राज को विधायक रुचिवीरा ने अपना समर्थन दे रखा है। गांव मोमिनपुर दर्गो निवासी ब्रह्मपाल के पुत्र सिद्धार्थ कुमार के मुताबिक उसकी मां सरोज देवी बीडीसी सदस्य है। बुधवार की रात करीब नौ बजे सिद्धार्थ, उसके पिता ब्रह्मपाल व मां सरोज देवी और गांव का ही जसराम सिंह घर के अंदर थे।


 इसी दौरान विधायक रुचिवीरा, खुशनुद खां, गांव गंज निवासी नवाब व गुरुदत्त, गांव निजामतपुरा निवासी नरेश, गांव अगरी निवासी सुनील व भोले, गांव हादरपुर निवासी जितेंद्र गांव लक्खीवाला निवासी बीरबल गांव सल्लाहपुर निवासी साबिर, गांव इनामपुरा निवासी सलीम व गांव भोगनवाला निवासी नसीम अपने 12 साथियों के साथ बंदूक व तमंचे लेकर उनके घर में घुस आए और उसकी मां सरोज देवी को जबरन गाड़ी में डालने लगे। उनके शोर मचाने पर बड़ी तादाद में गांववासी भी आ गए। विधायक व उनके समर्थकों ने लोगों को आता देख पिता ब्रह्मपाल और मां सरोज देवी पर तमंचों से फायर किए, लेकिन बाल-बाल बच गए। ये लोग धमकी दे गए कि यदि सुनील के अलावा किसी और को वोट दिया तो परिवार को जान से मार देंगे। इन लोगों ने गाली देने के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग भी किया।
विज्ञापन



रात में ही पुलिस को तहरीर दी गई। इस घटना की शहर कोतवाली में रुचिवीरा, खुशनूद खां समेत सभी आरोपियों के खिलाफ धारा विभिन्न धाराओं व एससी एक्ट की धारा (3) 10 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट दर्ज होने से विधायक रुचिवीरा के समर्थकों में हड़कंप मचा हुआ है। सिद्धार्थ के पिता ब्रह्मपाल के मुताबिक आरोपियों ने उनके घर में तोड़फोड़ करने के साथ उनसे मारपीट भी की है। उधर, इस घटना के बाद गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।

दबाव में कराई झूठी रिपोर्ट दर्ज : रुचिवीरा
विधायक रुचिवीरा के मुताबिक उन्होंने बीडीसी सदस्य सरोज देवी को अगवा करने की कोशिश नहीं की। उन पर जो भी आरोप लगाए गए हैं वह निराधार है। सपा नेताओं के दबाव में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सरोज देवी का पति ब्रह्मपाल बुधवार को उनसे पत्नी का वोट दिलाने के लिए तीन लाख रुपये ले गया था। शाम को पत्नी को साथ लेकर आने  का वादा करके गया था। वह जब नहीं आया तो विधायक अपने कुछ समर्थकों के साथ उसके घर पर गई। ब्रह्मपाल से कहा कि या तो रुपये वापस दे या पत्नी को साथ लेकर उनके साथ चले। इतनाकहते ही ब्रह्मपाल घर से शोर मचाता हुआ भाग गया। इससे ज्यादा कोई बात हुई हो तो वह किसी भी सजा के लिए तैयार है। जिलापंचायत चुनाव की तरह सपा के नेता उन पर ये झूठे मुकदमे दर्ज करा रहे हैं। वह इससे घबराने वाली नहीं हैं। इस मामले की किसी भी एजेंसी से जांच करा ली जाए। सच्चाई सामने आ जाएगी। 


जांच के बाद होगी कार्रवाई : सीओ
सीओ सिटी रामानंद कुशवाहा के मुताबिक विधायक रुचिवीरा और उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में जांच कराई जा रही है। घटना में जो सच्चाई होगी उसी के अनुरूप कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
उदयपाल से नाराज हैं विधायक


उदयपाल से जिला पंचायत के चुनाव के समय से विधायक रूचि वीरा  नाराज र्है। उदयपाल की पत्नी का वेाट शुरू में रूचि वीरा के पाले में था। बाद में उदयपाल की पत्नी ने  विधायक मनोज पारस की पत्नी नीलम पारस को वोट दे दिया तब से रूचि वीरा उदयपाल से नाराज है तथा ब्लाक प्रमुख के चुनाव में उदयपाल से जिला पंचायत के चुनाव का हिसाब चुकाना चाहती है। इसलिए ही विधायक सुनील की पत्नी का चुनाव लड़ा रही है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें