बिजनौर में प्रशासन के अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती का असर अतिक्रमणकारियों पर दिखने लगा है। बुधवार को व्यापारियों ने खुद ही अपनी दुकानों के बाहर नाले या सड़क पर अवैध रूप से बनी सीढ़ियों पर हथौड़ा चलाया। पूरे बाजार में यही नजारा देखने को मिला। दूसरी तरफ व्यापारियों ने अतिक्रमण के मामले को लेकर डीएम से भी मुलाकात की।
पालिका प्रशासन ने शनिवार की रात में अतिक्रमण वाले स्थानों को चिंहित कर लाल निशान लगाए थे। तभी से व्यापारियों में अतिक्रमण हटाने को लेकर चर्चा है। बुधवार को व्यापारियों ने खुद ही अपनी दुकानों के बाहर अवैध तरीके से सड़क पर सीढ़ियों पर हथौड़ा चलाया। कुछ दुकानों ने दुकान के बाहर एक तो कुछ ने चार सीढ़ी तक बना रखी थीं। एक व्यापारी की देखा देखी दूसरे व्यापारी भी हथौड़ा आदि लेकर सड़कों पर आए और अपने ही हाथ से सीढ़ियां तोड़ी।
हालांकि नाले पर बनी दीवार, शटर या अन्य प्रकार के अतिक्रमण पर व्यापारियों ने अभी कोई एक्शन नहीं लिया है। कई व्यापारियों ने अपनी दुकानों के सामने या पास खड़े होने वाले फलों आदि के ठेलों को भी बुधवार को खड़ा नहीं होने दिया। इस मामले में व्यापारी मनोज कुच्छल, रजनीश अग्रवाल, सुशील जिंदल, सौरभ सिंघल, मानव सचदेवा, दिलशाद खान आदि ने डीएम वीके आनंद से बात की। उन्होंने मुख्य बाजार और सर्राफा बाजार को 60-70 साल पुराना बता रियायत देने की बात कही, लेकिन डीएम ने व्यापारियों से कहा हमें नाला अतिक्रमण मुक्त चाहिए।
व्यापारियों के मुताबिक डीएम ने दुकानों के बाहर कच्चा अतिक्रमण तत्काल हटाने को कहा है। साथ ही नाले के ऊपर बने अतिक्रमण हटाने के लिए सात दिन का समय दिया। सात दिन में व्यापारियों के कार्रवाई न करने पर डीएम ने जेसीबी चलाने की चेतावनी दी। शाम को एसडीएम अजय तिवारी ने व्यापारियों को साथ लेकर शहर भर में अतिक्रमणकारियों को एक बार फिर सचेत किया।
उन्होंने व्यापारियों के साथ मिलकर शहर में लाउड स्पीकर से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी। इससे अतिक्रमणकारियों में खलबली मची है। डीएम के आदेश के बाद अब पालिका फिर से अतिक्रमणकारियों को नोटिस देने की तैयारी में लग गई है।