उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में सपा ने बसपा से गठबंधन के दौरान बसपा सुप्रीमो की एक आवाज पर बिजनौर और नगीना की सीट छोड़ दी थी। गठबंधन से भाजपा को 15 सीटों पर करारी हार सपा ने दिलाई। उन्होंने कहा कि बसपा से आज गठबंधन भले ही नहीं है, लेकिन इसके बावजूद सपा का गठबंधन भाजपा को उत्तर प्रदेश में करारी हार देने जा रहा है। उन्होंने संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए एक-एक वोट की कीमत समझने की सलाह दी।
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि भाजपा ने दो करोड़ नौकरियां देने, किसानों की आय दोगुनी करने, विदेशों से काला धन लाकर जनता के खातों में 15-15 लाख डालने और महंगाई को खत्म करने की घोषणाओं ने देशवासियों को निराश किया है। उन्होंने कहा कि खातों में लाखों रुपये डालने का दावा करने वाली मोदी सरकार ने नोटबंदी के नाम पर महिलाओं के पास जमा बचत की धनराशि भी हड़प ली। संजय सिंह ने कहा कि मोदी की गारंटी केवल दबाव की राजनीति से भ्रष्टाचारियों को भाजपा में शामिल करने तक सीमित है।
विधायक हाजी तसलीम अहमद के संचालन में गठबंधन प्रत्याशी मनोज कुमार ने न्यायिक प्रक्रिया पर भाजपा के दबाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जज कार्यवाही छोड़कर कहते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है। सरकार न्यायाधीशों को डरा रही है। कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है।
जनसभा को कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद राजकुमार सैनी, मनोज पारस, सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव, पूर्व सांसद यशवीर सिंह, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव सुधीर पाराशर, जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान ने सभा को संबोधित किया।
मंच पर ये रहे उपस्थित
मंच पर पूर्व विधायक ओमवती, नईमुल हसन, पूर्व चेयरमैन मौअज्जम खां, हाजी मो.फैसल, किरतपुर चेयरमैन अब्दुल मन्नान, रफीक अंसारी, मेराज, मो.युनूस, नफीस कुरैशी एड., प्रभा चौधरी, शेख मो. आबिद, अबरार अहमद, वसीम अहमद, नफीस अहमद, नसीम अंसारी, एम अकरम खां, राकेश शर्मा, गायत्री देवी, शरीफ अहमद मनोरे आदि शामिल रहे।
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