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रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी ने नहीं लगने दी पुलिस पिकेट

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परिसर हमारा है, वो क्यों करेंगे सुरक्षा
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स्टेशन की सुरक्षा में सिविल और जीआरपी-आरपीएफ आमने-सामने

अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
पुलिस रेलवे स्टेशन पर अपनी पिकेट लगाना चाहती थी, जिससे कांवड़ियों की सुरक्षा के साथ ही आसपास शांति व्यवस्था बनाई जा सके। मगर जीआरपी और आरपीएफ ने विरोध कर पुलिस पिकेट नहीं लगने दी।
श्रावण माह में राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर पड़ोसी जिलों को जोड़ने वाले संपर्क और प्रमुख रास्ते हर-हर बम-बम से गूंज रहे हैं। कांवड़ में जल लेकर शिव भक्त गंतव्य की तरफ लौट रहे हैं। अमरनाथ में आतंकवादियों के कई तीर्थ यात्रियों को हताहत करने और विधान सभा में विस्फोटक मिलने के बाद जनपद में भी इस तरह की घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। वैसे भी जिले में आतंकियों का निशाना होने के इनपुट खुफिया एजेंसियां पुलिस को दे चुकी हैं। कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए हाईवे से लेकर सभी मार्ग पुलिस की निगाह में हैं। वहीं पीएसी जवान जगह-जगह मुस्तैद हैं। इसके अलावा सादा कपड़ों में पुलिसकर्मी कांवड़ियों की सुरक्षा संभाल रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने सीओ सदर व शहर कोतवाल को रेलवे स्टेशन पर पुलिस पिकेट लगाने के निर्देश दिए। एसपी के निर्देश पर दोनों अफसर स्टेशन पर पहुंचे। जहां टेंपो खड़े होते हैं तथा चाय का खोखा रखा है, वहां पर आरपीएफ व जीआरपी से पुलिस पिकेट लगाने के बारे में बात की। बताते हैं कि जीआरपी व आरपीएफ ने साफ कह दिया कि वह रेलवे परिसर में पुलिस पिकेट नहीं लगने देंगे। आरपीएफ व जीआरपी का कहना है कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए वह अस्थायी तौर पर पुलिस पिकेट लगवा सकते हैं, मगर स्थायी रूप से लगने के लिए रेलवे से अनुमति लेनी पड़ेगी। वह बिना अनुमति के रेलवे परिसर मेें अतिक्रमण नहीं होने देंगे।
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इसलिए लगाना चाहते थे पुलिस पिकेट
अक्सर आतंकवादी भीड़ भाड़ वाले इलाकों के अलावा रेलवे स्टेशन, रोडवेज, प्रसिद्ध होटल, प्रतिष्ठानों को अपना निशाना बनाते हैं। उनका मकसद देश को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना और अधिक से अधिक लोगों की जान लेना होता है। तभी तो वे खास स्थानों को ही निशाना बनाते हैं।
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