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सिक्किम के पंचायत भवन डीएम ऑफिस जैसे दिखें

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‘सिक्किम के पंचायत भवन डीएम ऑफिस जैसे’
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नहटौर। चार दिनों के सिक्किम राज्य एक्सपोजर कार्यक्रम में भाग लेकर लौटे ग्राम प्रधान का स्वागत किया गया। पूरे प्रदेश से इस कार्यक्रम में दस प्रधानों ने भाग लिया था। प्रधानों ने सिक्किम राज्य की ग्राम पंचायतों में जाकर विकास कार्यों के अलावा ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के तरीके देखे। सिक्किम राज्य में पंचायत भवन यहां के डीएम ऑफिस जैसे मिले। वहां की पंचायतें खुद के उद्योग लगाकर आय के स्रोत पैदा कर रही हैं।
सिक्किम राज्य में एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम 20 से 25 अगस्त तक चला। इसमें चार दिनों तक ग्राम प्रधानों ने ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया। एक्सपोजर विजिट के उपनिदेशक परवीना चौधरी, दिनेश सिंह, डॉ. प्रीति सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक सिंह, डीपीएम वसीम अहमद, राहुल कुमार, राकेश कुमार की टीम के साथ पूरे प्रदेश के दस ग्राम प्रधान सिक्किम भ्रमण के लिए गए थे। मुरादाबाद मंडल से जिला बिजनौर के ब्लाक आकू की ग्राम पंचायत जरीफपुर पाडला के ग्राम प्रधान कपिल देव ने भाग लिया। कपिल देव के मुताबिक सिक्किम की राजधानी गंगटोक की ग्राम पंचायत समलीक माचकी में वहां की जिलाधिकारी चंद्रकला ने स्वागत किया। उसके बाद चार दिनों में ग्राम पंचायत मल्ली धारा, सांखू रंगहू, खांडू, मनीराम फल्ली धारा, समलीक मार्चक पंचायतों में घूमे। पंचायत भवन यहां के डीएम ऑफिस जैसे जगमगा रहे थे।
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पंचायतों ने खुद ही बेकरी, ट्रांसपोर्ट, सर्विस स्टेशन जैसे उद्योग लगा रखे है। इनसे पंचायतों की आय तो बढ़ ही रही है। वह स्वरोजगार भी स्थापित कर रही है। सिक्किम में पंचायतों में सरकारी निधि से ज्यादा उनके उद्योगों से आय मिलती है। जिसको वह विकास कार्यों में लगाते है। सड़कों पर साफ सफाई पर विशेष ध्यान रहता है। सिक्किम की पंचायत राज निदेशक रूकी बांग्ला ने ग्राम पंचायतों के बेहतर सुधार के बारे में विस्तार से बताया। वहां आय जाति आदि सभी प्रमाणपत्र ग्राम पंचायतें जारी करती हैं। ग्राम प्रधान को दस हजार, वार्ड सदस्य को नौ हजार मानदेय भी मिलता है। ग्राम पंचायतें विकसित देशों जैसी दिखती हैं।
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