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शुगर मिल चलाने के निर्देश

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मिल नहीं चलाई तो करना होगा खेतों में खड़े गन्ने का भुगतान
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- गन्ना आयुक्त ने वेब इंडस्ट्रीज के अधिकारियों को दिए निर्देश
- मिल न चलाने पर इनके क्षेत्र के गन्ने का मूल्य वसूलने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर। क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने वेब इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को बिजनौर और चांदपुर चीनी मिल चलाने के आदेश दिए हैं। मिल का मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कराने के लिए कहा गया है। मिल न चलाने पर उनके क्षेत्र में गन्ना उत्पादन का आकलन कर इसका मूल्य वेब ग्रुप से वसूलने की चेतावनी दी गई है। जिले के किसान दोनों चीनी मिलों की मरम्मत कराने के लिए आंदोलन कर रहे थे। अब शासन से हरी झंडी मिलने के बाद मिल चलाने का रास्ता साफ हो गया है।
बिजनौर और चांदपुर चीनी मिल वेव इंडस्ट्रीज को सस्ते दामों में बेचने की सीबीआई जांच कर रही है। 2010 में बसपा शासनकाल में बिजनौर और चांदपुर चीनी मिल को वेब इंडस्ट्रीज को बेचा गया था। तब बिजनौर चीनी मिल 50 करोड़ 60 लाख और चांदपुर शुगर मिल 80 करोड़ 25 लाख में बेची गई थी। उस समय इन शुगर मिलों में इससे ज्यादा कीमत की चीनी और मशीनरी मौजूद थी। मिलों की जमीन की कीमत भी अरबों रुपये थी।
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वेब इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों ने इस मामले में शासन और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र सौंपते हुए मिल का संचालन करने से हाथ खड़े कर दिए थे। मिल का मरम्मत कार्य भी शुरू नहीं कराया गया। जिले के सभी किसान संगठन दोनों चीनी मिलों में मरम्मत कार्य कराने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में गन्ना एवं चीनी आयुक्त द्वारा मिल संचालन का आदेश देने से मिल कर्मचारियों और किसानों दोनों को राहत मिली है। आयुक्त ने अपने निर्देश में वेव इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों से कहा है कि वे चीनी मिल को चलाने के लिए स्वतंत्र हैं। मिल में जल्दी ही मरम्मत कार्य शुरू करने के भी आदेश दिए गए हैं।

डीएम के हस्तक्षेप से मिलों को मिला ऋण
डीसीओ यशपाल सिंह ने वेब इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को आदेश दिए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मिलों की सीबीआई जांच से उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक ने भी मिल की चीनी गिरवी रखकर ऋण देने से मना कर दिया था। इससे मिलों के सामने किसानों के गन्ना भुगतान करने की समस्या खड़ी हो गई थी। बाद में डीएम अटल कुमार राय के हस्तक्षेप से बैंक ने मिलों को ऋण दिया था।
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26 हजार किसान जुड़े हैं दोनों मिलों से
बिजनौर शुगर मिल से 9600 किसान जुड़े हैं। इन किसानों का आठ हजार 22 हेक्टेअर जमीन में खड़ा गन्ना मिल में पेराई के लिए दिया जाता है। इसके अलावा चांदपुर शुगर मिल में 16 हजार किसान गन्ना देते हैं। इस मिल में 14 हजार 773 हेक्टेअर जमीन में खड़े गन्ने की पेराई होती है।
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