पटल परिवर्तन के आदेश से कर्मचारियों में खलबली
बिजनौर। शासन ने शिक्षकों के समायोजन के बाद अब शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के पटल परिवर्तन करने के आदेश दिए हैं। तीन वर्ष से अधिक एक पटल पर काम करने वाले कनिष्ठ सहायक व लिपिकों के पटल परिवर्तन होंगे। शासन के आदेश से शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में खलबली मची है।
बेसिक शिक्षा विभाग में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मानक से अधिक तैनात शिक्षकों का समायोजन दूसरे विद्यालयों में कर दिया गया है। बीएसए ने समायोजन की सूची भी जारी कर दी है। शिक्षकों के समायोजन के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग में लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों के पटल परिवर्तन का आदेश भी जारी हो गए हैं। इस आदेश से कर्मचारियों में खलबली है। अपर शिक्षा निदेशक बेसिक विनय कुमार पांडेय ने बीएसए को दिए आदेश में कहा है कि बेसिक शिक्षा विभाग में कनिष्ठ सहायक व अन्य लिपिकों के पटल परिवर्तन किए जाएं। एक पटल पर तीन वर्ष से अधिक समय तक तैनात कर्मचारी का दूसरे पटल पर समायोजन किया जाए। किसी भी स्मरण पत्र के बिना ही बीएसए कर्मचारियों के पटल परिवर्तन कर दें। बेसिक शिक्षा विभाग में बीईओ कार्यालय व बीएसए कार्यालय में काफी लंबे समय से पटल परिवर्तन नहीं होने से अब शासन ने इसके आदेश दिए हैं। शासन के आदेश जारी होने से कर्मचारियों में हड़कंप है। दूसरी ओर, अपर शिक्षा निदेशक के आदेश का जिले में असर भी दिखाई देने लगा है। बीएसए महेश चंद्र ने ब्लॉक आकू के बीईओ कार्यालय के लिपिक मुजम्मिल बहाव का पटल परिवर्तन कर नगर क्षेत्र नजीबाबाद से संबद्ध कर दिया है। इसके बाद कई और लिपिकों के पटल परिवर्तन कराने की मांग शुरू हो गई है।
स्कूलों में पहुंचे नव नियुक्त शिक्षक
बिजनौर। शासन के निर्देश पर जिले के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 775 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। बृहस्पतिवार को बीएसए महेश चंद्र ने नियुक्ति पत्र जारी कर दिए। नियुक्ति पत्र पाकर शिक्षक खुश दिखाई दिए। शुक्रवार को शिक्षकों ने स्कूलों में पहुंच कर कार्यभार ग्रहण कर लिया है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूल ऐसे भी है जिनमें काफी समय से शिक्षामित्र ही तैनात थे। इस नियुक्ति से विद्यालयों को शिक्षक मिले हैं। बच्चों में अपार खुशी है कि काफी समय बाद उनके स्कूलों में शिक्षक पहुंचे हैं। जिन स्कूलों में नियुक्ति की गई है अधिकांश स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।