घर बैठे प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकार की ऑनलाइन व्यवस्था का कुछ लोग बंटाधार कर रहे हैं। तहसीलों में बगैर राजस्व कर्मियों से मुलाकात किए आवेदन पर रिपोर्ट लगना मुश्किल है। जिससे महीने भर से अधिक समय गुजरने के बाद भी आय-जाति के ढाई हजार सहित करीब आठ हजार आवेदन लंबित है।
जाति, आय और निवास के अलावा दूसरे अन्य प्रमाणपत्र के लिए आवेदकों को तहसीलों और कलेक्ट्रेट तक चक्कर न लगाना पड़े इसलिए पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया गया है। सहज जन सेवा केंद्रों से आनलाइन आवेदन करने के बाद आवेदक को 20 दिन के अंदर प्रमाणपत्र दिए जाने की व्यवस्था है। इसके बाद भी तहसील कर्मियों और अधिकारियों की सुस्ती के चलते आवेदकों का मामला लंबित है। रिकार्ड पर गौर करें तो तीनों तहसीलों में आय-जाति के ढाई हजार, निवास प्रमाणपत्र के तीन हजार संग सुमंगला योजना, पेंशन आदि के प्रार्थना पत्र लंबित है। आय-जाति और निवास प्रमाणपत्र न बनने से नौकरी, छात्रवृत्ति आदि का आवेदन करना मुश्किल हो गया है।