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डेढ़ माह में 12 फीसदी हो सकी गेहूं की खरीद

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गोपीगंज में पीसीएफ क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा। संवाद - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। नौ दिन चले अढ़ाई कोस। यह कहावत विपणन विभाग पर सटीक बैठ रही है। करीब डेढ़ महीने का समय गुजर गया, लेकिन 12 फीसदी गेहूं खरीद हो सकी। खरीद के लिए खोले गए 36 क्रय केंद्रों में गिने-चुने को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर पर सन्नाटा पसरा रहता है। 37 हजार एमटी के सापेक्ष अब तक मात्र पांच हजार एमटी की खरीद हो सकी है जबकि महीने भर से कम समय खरीद के लिए बचा है। निजी क्षेत्र की संस्थाओं से जुड़े एजेंट घर-घर पहुंच कर अधिक दर पर खरीदारी प्रतिदिन कर रहे हैं।
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शासन के निर्देश पर विपणन विभाग पीसीएफ, सहकारिता, मंडी समिति, एफपीओ, एफपीसी के केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू की गई। 15 जून तक समर्थन मूल्य 2015 रुपये पर पंजीकृत किसानों से खरीद कराकर आनलाइन भुगतान करने रणनीति भी तय की थी। डेढ़ माह में मात्र पांच हजार क्विंटल हुई खरीदारी ने 37 हजार एमटी के लक्ष्य तक पहुंचने पर सवाल उठने लगे हैं। क्रय केंद्र प्रभारियों की उदासीनता और खामियों के चलते किसान केंद्रों पर पहुंचने की बजाए घर पर ही गेहूं बेच रहे हैं। एक सप्ताह से 15 दिन का इंतजार करने के बजाए व्यापारी खरीद की रकम भी तुरंत दे रहे हैं। किसान राजेश कुमार यादव ने कहा कि व्यापारी घर पर ही उससे अधिक कीमत दे रहे हैं तो केंद्र पर जाने की जरूरत ही क्या है। पैसा भी तुरंत मिल रहा है। डिप्टी आरएमओ देवेंद्र सिंह ने दावा किया तय समय में लक्ष्य पूर्ण हो जाएगा। बताया कि अब तक 1100 सौ किसानों से पांच हजार एमटी की खरीद कराई जा चुकी है।
घर-घर नहीं पहुंची टीम, पेयजल संसाधनों की हालत खराब
ज्ञानपुर। गेहूं खरीद केंद्रों पर किसानों को गर्मी में पेयजल की व्यवस्था का निर्देश बेअसर साबित हो रहा है। विपणन विभाग के क्रय केंद्र गौरा में बदहाल हैंडपंप व्यवस्था की पोल-पट्टी खोल रहा है। डीएम के निर्देश पर बनी मोबाइल टीम भी बेकार साबित हो रही है। विपणन अधिकारी ने कहा कि किसानों का सहयोग न मिलने से निजी क्षेत्र की संस्थाएं अधिक दर पर खरीदारी अपने एजेंटों से करा रही है। सूचना मिलने पर विभाग की मोबाइल टीम गांवों में पहुंच कर खरीदारी करा सकती है। मंगलवार को सभी क्रय केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर पेयजल व्यवस्थाओं की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
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