आपूर्ति निरीक्षक औराई दूसरे दिन मंगलवार को अमवांमाफी गांव में कोटे की दुकान की जांच करने पहुंचे। जांच से असंतुष्ट कार्डधारकों ने मिलीभगत का आरोप लगाकर हंगामा किया। इससे जांच टीम बिना शिकायतकर्ताओं का बयान दर्ज किए ही वापस लौट गई।
कार्डधारकों ने आरोप लगाया है कि गत माह कोटेदार के खिलाफ प्रार्थनापत्र एसडीएम औराई को देकर जांच की मांग की गई थी। मामला डीएम तक पहुंचने पर डीएम आर्यका अखौरी ने 20 सितंबर की तिथि निर्धारित कर जांच कराने का आश्वासन दिया था लेकिन जांच टीम सोमवार को गांव में नहीं आई। उच्चाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच प्रक्रिया पूरा करने का निर्देश दिया। शिकायतकर्ता स्वतंत्र मिश्रा, टिंकू शर्मा, राजकुमार तिवारी, जयेश प्रजापति, आसिफ अली, संदीप मौर्य,अनिल गौतम ने नाराजगी जताई कि गांव पहुंचने से पहले जांच टीम ने आरोपित कोटेदार से बात कर प्राथमिक विद्यालय पर पहुंचे और कोटेदार के खास लोगों का बयान लेकर चलने की तैयारी करने लगे। विरोध करने पर पंचायत भवन आई टीम ने मात्र औपचारिकता पूरी कर फाइल बंद कर दी। प्रधानाध्यापक अनुराधा मौर्या ने भी जांच टीम का विरोध किया कि विद्यालय खुला रहने के बावजूद अधिकारी विद्यालय में बयान दर्ज करने पहुंचे। आपूर्ति निरीक्षक औराई अनिल कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी जाएगी।