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लंबी उम्र के लिए सुहागिनों ने रखा करवा चौथ व्रत, चलनी से किया पति का दीदार

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।रवा चौथ पर बालीपुर में पूजा करती व्रती महिलाएं। संवाद - फोटो : BHADOHI
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पति की लंबी आयु की कामना कर रविवार को सुहागिनों ने निर्जला व्रत रखकर अखंड सुहाग का वरदान मांगा। त्योहार को लेकर सुबह से घरों में तैयारियों शुरू हो गई थीं।सुहागिनों ने रात को चांद और पति का दीदार कर पूजन-अर्चन के बाद व्रत खोला। प्रेम के इस पर्व पर पति ने पत्नी को उपहार भी दिया। भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के रिश्तों को सात जन्म के बंधनों से जोड़ कर देखा जाता है। यही वजह है कि पति-पत्नी के प्रेम को प्रदर्शित करने वाला यह पर्व सुहागिनों के लिए विशेष महत्वपूर्ण है। महिलाओं ने निर्जला व्रत रख पति की लंबी आयु की कामना की। मान्यता के अनुसार हर साल कार्तिक महीने की कृष्णपक्ष की चतुर्थी को करवाचौथ का पर्व मनाया जाता है। सुबह से घरों में तैयारियों का दौर चलता रहा। महिलाएं सोलह शृंगार, मेहंदी आदि लगाकर तैयार हुईं। दिन भर निर्जला व्रत रखने के बाद रात में चांद का दीदार और पति को देखकर कर पूजन-अर्चन की रस्में निभाई गईं। इस दौरान महिलाओं ने चंद को अर्घ्य देकर विधि विधान से पूजन किया। पूजन के बाद पत्नी को पानी पिला व कुछ मीठा खिलाकर व्रत खुलवाया गया। भदोही, ज्ञानपुर, ऊज, सीतामढ़ी सुरियावां, मोढ़ औराई, दुर्गांगज, महाराजगंज, गोपीगंज, लालानगर, वहिदा नगर, चौरी आदि जगहों पर करवाचौथ की धूम रही।
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द्रोपदी ने कृष्ण के बताने पर रखा था यह व्रत
ऐसा मानना है कि करवा चौथ का व्रत करने से पति की आयु लंबी होती है। यह व्रत द्वापर युग में शुरू हुआ था जब द्रोपदी ने इसे कृष्ण के बताने पर रखा था। आज के दिन सुहागिनें दिन भर निर्जला व्रत करती हैं और शाम को सोलह शृृंगार कर चंद्रमा के दर्शन कर उसे अर्घ्य देती हैं और पति का दर्शन कर व्रत तोड़ती हैं।
चंद्रमा का किया स्वागत
चंद्रमा के दिखते ही नगर आतिशबाजी से गूंज उठा। ऐसा लग रहा था कि आज ही दीपावली का पर्व हो। हर तरफ उत्सव सा माहौल था। बच्चों में सबसे ज्यादा उत्सुकता थी। फुलझड़ी और अनार जलाकर उन्होंने भी चंद्रमा का स्वागत किया। सुहागिनों भगवान शिव, पार्वती और कार्तिकेय के साथ-साथ भगवान गणेश की पूजा अर्चना कर प्रभु से अपने पति की दीर्घायु की कामना की। रात को चंद्रमा को अर्घ्य देकर छलनी से पति को देखा। चंद्रमा के दर्शन कर व्रत पारण किया और पति के हाथों से पानी पीया।
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