महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने, उनकी समस्याओं को ठीक से पुलिस के लोग सुनें इसलिए सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाया गया है। इन सभी डेस्कों पर इन दिनों महिला पुलिस मुस्तैद है। मंगलवार को अमर उजाला की पड़ताल में कहीं पति-पत्नी के विवाद सुलझे तो कहीं सन्नाटा रहा। चौरी थाने में तीन माह के भीतर 40 मामले आ चुके हैं। हालांकि मंगलवार को सुबह के समय दो घंटे तक कोई फरियादी नहीं आया।
चौरी: चौरी थाना के महिला हेल्प डेस्क पर तीन माह में कुल 40 केस आए हैं। जिनमें अधिकांश मामले पति-पत्नी के विवाद के हैं। इसके अलावा मारपीट व जमीनी विवाद के भी मामले हैं। महिला आरक्षी सीमा कुमारी के अनुसार अधिकांश मामले सुलह कराए जाते हैं और बीच-बीच मे फोन से जानकारी भी ली जाती। जिनमे बात नही बन पाती उसमे केस भी दर्ज की जाती है। इसी तरह औराई थाने में अधिकांशत: मामले पति-पत्नी के झगड़े, लड़कियों व महिलाओं से भगा ले जाने के मामले आते हैं। यहां औसतन प्रतिदिन दो मामले आते हैं। सुरियावां थाने में महिला डेस्क पर एक पारिवारिक विवाद का मामला आया। ग्राम पुरेसनाथ की मूर्तिबेगम ने मारपीट का मामला दर्ज कराया है। गोपीगंज गोपीगंज कोतवाली में महिला हेल्प डेस्क पर जिम्मेदारी के साथ महिलाओं से जुड़े मसले का निदान किया जा रहा है। मंगलवार को महिलाओं से जुड़े दो मामले आए जिसमें पहला मामला पति-पत्नी का विवाद तथा दूसरा मामला पड़ोसियों से हुए मारपीट का रहा।