पुलिस लाइन के बाहर ही एक दुकान पर झटना के समय बैठे मनोज चौरसिया ने बताया कि ट्रक की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि लगा जैसे आंधी आ गई। पलक झपकते ही घटना हो गई। अपने हाथ में लगे चोट को भीड़ के बीच लोगों को दिखाते हुए बताया कि देखने से लगा कि ट्रक चालक नशे में था। क्योंकि करीब 20 फीट चौड़ी सड़क को छोड़कर करीब 20 फीट आगे ट्रक का जाना और दीवार से टकराना बड़ी बात थी। यदि दिन का समय रहता तो घटना और बड़ी हो सकती थी।
जरूरी काम से मिलने के लिए बुलाए गए थे अशोक
इस घटना में जिन दो लोगों की मौत हुई उनमें एक छतमी गांव निवासी अशोक पांडेय भी हैं। उनके परिवार वालों ने बताया कि शाम के समय घर पर ही थे। ढाबा संचालक अशोक को सीओ ज्ञानपुर के कार्यालय से फोन किया गया था कि कुछ जरूरी काम है आकर साहब से मिल लीजिए। किसलिए बुलाया गया था यह नहीं मालूम चला। सीओ ने परिवार के लोगों ने भी पूरी जानकारी ली।
मौके पर पहुंचे डीआईजी आरके भारद्वाज
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घटना स्थल का जायजा ज्ञानपुर के विधायक विपुल दूबे और डीआईजी आरके भारद्वाज ने लिया। घटना की जानकारी होने पर विधायक जिला अस्पताल भी पहुंचे। साथ ही डीआईजी ने जिला अस्पताल में पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार व पुलिस विभाग के अन्य लोगों से जानकारी ली। घटनास्थल पर भी पहुंचे।