बुधवार को देर रात और बृहस्पतिवार की शाम हुई झमाझम बारिश व हल्की हवा के कारण जिले के कई हिस्से में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। जलभराव के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे-बड़े मार्गों पर आवागमन मुश्किल हो गया। साथ ही निर्माणाधीन नाला-नाली के कार्य भी रुक गए। बारिश के साथ तेज हवा चलने कई स्थानों पर जर्जर तार और खंभों के टूटकर गिरने से आपूर्ति व्यवस्था बाधित रही। इसके चलते कहीं लोग पेयजल के लिए परेशान हुए तो कहीं उमस भरी गर्मी के कारण लोग परेशान नजर आए।
कोनिया क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने बताया कि देर शाम भीटी रेलवे क्रासिंग के पास सीतामढ़ी उपकेंद्र को जुड़ने वाली 33 केवी पारेषण लाइन का केबल बाक्स जल जाने से लगभग 25 किलोमीटर तक अंधेरा छा गया। करीब 50 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कलिक मवैया के उपभोक्ता सीबी चौबे ने कहा कि कोनिया के अंतिम गांवों में विद्युत व्यवस्था माह के 15 दिन डांवाडोल रहती है। भभौरी के बृजेश पांडेय ने कहा कि इस क्षेत्र के उपभोक्ता राजस्व देने के बाद भी संतुष्ट नहीं रहते। शेरपुर के पूर्व प्रधान शिवचंद शुक्ला, कूड़ी के सुनील पांडेय आदि उपभोक्ताओं ने विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी जताई। कहा कि हमेशा कोनिया की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहिदानगर उपकेंद्र से 33 केवी का केबल सीतामढ़ी के लिए जाता है, उसका भी रखरखाव विभाग नहीं कर पाता है। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता सदर अमर सिंह ने कहा कि अभोली, लालानगर, सीतामढ़ी, सेमराध, रमईपुर, वहिदानगर से संचालित फीडरों के तार-खंभे बारिश से प्रभावित हुए हैं। जिन्हें सुधारने के लिए पूरी टीम लगायी गई है। सुधार होते ही आपूर्ति बहाल हो जाएगी। हल्की बारिश और हवा के दौरान ही बिजली व्यवस्था ने विभागीय इंतजाम का पोल खोल कर दिया। ज्ञानपुर शहर में भी बृहस्पतिवार को खूब बिजली कटी। विकास कुमार, सुरेंद्र सिंह, अमित ने बताया कि सुबह से लकर शाम तक करीब दस बार बिजली कटी होगी। जब भी बिजली आपूर्ति बहाल होती आधे घंटे के बाद कट जाती। अधिकारियों केे फोन किया जाता तो केवल जल्द बहाल होने की बात कहते रहे।