जिले में कुपोषण का ग्राफ जीरो करने के लिए हर व्यक्ति को कुपोषण के बारे में बताया जाएगा। इसके लिए जुलाई से विशेष अभियान चलाया जाएगा। संभव नाम से चलाया जाने वाला यह अभियान सितंबर माह तक चलेगा। अभियान के दौरान तीन महीने तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को कुपोषण के प्रति जागरूक करेंगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी मंजू वर्मा ने बताया कि संभव अभियान कुपोषण खत्म करने के लिए कारगर कदम है। अभियान में माह के आधार पर थीम रखा गया है। उसी के तहत अभियान चलाया जाएगा। जुलाई में मातृ पोषण थीम, अगस्त में बाल पोषण व सितंबर में जीवन के प्रथम एक हजार दिन को थीम बनाकर अभियान चलाया जाएगा। अभियान के अंत में वजन सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बेहतर कार्य करने वाले बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविका व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को डीएम की तरफ से सम्मानित किया जाएगा। डीपीओ मंजू वर्मा के अनुसार सभी केंद्रों पर संभव अभियान की शुरूआत की जाएंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में प्रथम त्रैमास में गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, गर्भवती के वजन की जांच, आयरन व कैल्शियम की दवा और पौष्टिक आहार के बारे में जागरूक करेंगी।