अपर सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी द्वितीय की अदालत ने पूर्व ग्राम प्रधान छेछुआं-डीघ समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश कोइरौना थाना पुलिस को दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से गांव निवासी एक महिला ने वाद दाखिल कर आरोप लगाया था कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में उसे लोहिया आवास मिला था जिसका निर्माण कराने के लिए औपचारिकता पूरी की। उस समय तैनात रहे ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी और सप्लायर ने मिलकर एक सादे कागज पर अंगूठा लगवाकर पैसा भी निकाल लिया। आवास का निर्माण अधर में लटकने, की गई मजदूरी का भुगतान कराने की मांग पर तीन मार्च 2018 को पूर्व ग्राम प्रधान दो अन्य लोगों के साथ आकर दुर्व्यवहार करते हुए धमकी दी।
मामले की शिकायत पुलिस समेत डीएम-एसपी करने पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी। थक-हार कर अधिवक्ता सुरेंद्रनाथ सिंह के माध्यम से न्यायालय में वाद दाखिल कर न्याय की मांग की गई। 10 सितंबर को अधिवक्ता की दलीले सुनकर संज्ञेय अपराध पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी द्यितीय की अदालत ने पूर्व ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने का आदेश सुनाया।