जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। इसमें 100 दिन की कार्ययोजनाओं में हुए कार्यों की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को आगाह किया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्यदायी संस्थाओं ने डीएम के समक्ष अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय से पूर्ण होने चाहिए। उन्होंने पेयजल पाइप की गुणवत्ता की औचक जांच करने तथा मानसून से पहले कार्य समाप्त करने सहित अन्य बिंदुओं पर दिशा निर्देश दिया। उन्होंने पेयजल पाइप की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। जल निगम के अधिकारियों की ओर से बताया गया कि 80 परियोजनाओं में से 51 की जियो टैगिंग कर दी गई है। एक अन्य संस्था के प्रतिनिधि ने बताया कि 68 ग्राम पंचायतों एवं 129 राजस्व गांवों में जमीन की उपलब्धता के लिए समन्वय स्थापित किया जा रहा है। ओम ग्रामोद्योग एवं विकास समिति की खराब प्रगति मिलने पर जिलाधिकारी ने संस्था को कार्यप्रणाली में एक हफ्ते में सुधार लाने का निर्देश दिया। डीएम ने वन विभाग से संबंधित कार्यस्थल पर वृक्ष आदि बिना अनुमति काटने पर जुर्माना लगाने का निर्देश दिया। इस दौरान पानी समिति, ग्राम जल स्वच्छता समिति, जन जागरूकता कार्यक्रम, ग्राम कार्य योजना, सामुदायिक बैठक, महिला बैठक, प्रभात फेरी एवं हैंडवाश जागरूकता कार्यक्रम पर बल दिया गया। बैठक में सीडीओ भानु प्रताप सिंह, डीएफओ नीरज आर्या, एक्सईएन जल निगम मुजीब अहमद, राम विलास यादव, ओपी शुक्ला, कृषि अधिकारी अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।