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9500 लोगों की जांच में 11 में मिले मलेरिया के लक्षण

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जिले में 9500 लोगों का मलेरिया परीक्षण किया गया। जिसमें से 11 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिनका उपचार चल रहा है। मलेरिया पीड़ित लोगों का उपचार 14 दिनों तक चलता है। परीक्षण जनवरी से अब तक किया गया है। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग मलेरिया रोधी माह मना रहा है। जिसमें मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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माह के दौरान टीमें घर-घर जाकर दस्तक दे रही हैं और लोगों को मलेरिया के बारे में जानकारी देकर जागरूक कर रही हैं। बीमारी के लक्षण क्या हैं, इससे बचाव के क्या तरीके हैं, इसकी जानकारी दी जा रही है। मलेरिया की जांच के लिए आशा बहुओं की तैनाती की गई है। जिन्हें एक जांच पर 15 रुपये और रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर 75 रुपये दिए जाते हैं। वर्ष 2020-21 में 15 लोगों की रिपोर्ट मलेरिया पॉजिटिव आई थी। वहीं 2021-22 में मलेरिया के 11 मरीज मिल चुके हैं। जनवरी 2022 से अब तक 9500 लोगों का परीक्षण किया गया है।
मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया बीमारी से बचाव के साथ ही लोगों को सावधान रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। एक जून से 30 जून तक मलेरिया रोधी माह मनाया जा रहा है। विभाग के लोगों का कहना है कि इससे बारिश के दौरान या बाद में मलेरिया के प्रकोप से बचने में लोगों को सहूलियत मिलेगी। मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के बारे में लोग जागरूक भी हो सकेंगे। कुछ दिन बाद अभियान, गोष्ठियां और रैलियां आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही सोशल मीडिया, बैनर, पोस्टर, माइक से प्रचार कर दीवारों पर पेंटिंग व अन्य साधनों से मलेरिया से बचाव के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएंगी। व्यक्ति के सिर में तेज दर्द होना, उल्टी, तेज बुखार होना, ठंड या कंपकंपी लगना, बुखार काफी लंबे समय तक रहता है। थोड़ी - थोड़ी देर में प्यास लगने, हाथ व पैर में ऐंठन होने, कमजोरी महसूस होने व घबराहट व बेचैनी बढ़ना भी इसके लक्षण हैं। मलेरिया से बचाव के लिए विभिन्न सावधानी बरती जानी चाहिए। मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास कभी भी पानी एकत्र न होने दें और बारिश के पहले घर के गमलों को ढक कर रखें। घर में लगे कूलर के पानी को नियमित रूप से बदलते रहें। घर के फर्श और आसपास फिनायल जैसे कीटाणुनाशक से साफ करते रहें। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। बारिश के दिनों में हाथ व पैर ढकने वाले कपड़ों का प्रयोग करें। जिला मलेरिया अधिकारी राम आसरे पाल का कहना है कि जनवरी माह से अब तक 9500 लोगों का परीक्षण कराया गया है। जिसमें से 11 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मानसून को लेकर विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने का काम चल रहा है।
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