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प्रसूताओं की थाली से दूध व फल गायब, दे रहे समोसा, चाय व बिस्कुट

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सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली प्रसूताओं को पौष्टिक आहार देने की व्यवस्था है, लेकिन प्रसूताओं की थाली से इन दिनों पौष्टिक आहार ही गायब है। दूध और फल की जगह कहीं समोसा तो कहीं बिस्कुट देकर काम चलाया जा रहा है। जानकारी के अभाव में प्रसूता या उसके परिवार के लोग कुछ बोलते भी नहीं है। हद तो तब होती है जब कम से कम 24 घंटे तक रखने की बजाय तीन से चार घंटे में ही छुट्टी दे दी जाती है। स्वास्थ्य विभाग के लोग परिवारीजनों पर ही जबरदस्ती करने का आरोप लगाकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, किसी भी प्रसूता को ऑपरेशन से प्रसव होने पर कम से कम पांच दिन जरूर रखना होता है। इसी तरह सामान्य प्रसव की दशा में 24 घंटे रखने का नियम है। इस दौरान प्रसूता को पौष्टिक आहार दिया जाता है। इसके लिए विधिवत डाइट चार्ट भी बनाया गया है, लेकिन चार्ट के अनुसार शायद ही कभी नाश्ता, भोजन और रात का खाना मिलता हो। बुधवार को महाराज चेत सिंह अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीगंज की पड़ताल की गई तो मिलने वाले भोजन और नाश्ते की पोल खुल गई। पता चला कि सीएचसी गोपीगंज में सुबह के नाश्ते में कभी समोसा चाय तो कभी चाय बिस्कुट दिया जाता है। यही हाल महाराज चेत सिंह अस्पताल का है। यहां फल कब मिला यह किसी भी प्रसूता या उसके परिवार वालों को मालूम ही नहीं है।
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