किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा खेल करने का मामला प्रकाश में आया है। तथ्य छिपाकर 2473 आयकरदाताओं ने दो करोड़ 96 लाख 76 हजार रुपये ले लिए। इनकम टैक्स पोर्टल पर खामी पकड़ में आने पर कृषि विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सभी अपात्रों को नोटिस भेजकर 12-12 हजार रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया है।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लागू किया। इसमें किसानों को हर महीने 500-500 रुपये की दर से चौथे महीने खाते में दो-दो हजार रुपये भेजने का प्राविधान है। आयकर दाता, अधिवक्ता सहित कई लोगों को योजना का लाभ नहीं देना था, लेकिन शुरूआती दौर में जांच पड़ताल न होने से तथ्य छिपाकर आयकर दाताओं ने भी पंजीकरण कर दिया। योजना में घोटालों और गड़बड़ियों की शिकायत पर जब सरकार ने इनकम टैक्स पोर्टल की जांच कराई तो प्रदेश में लाखों ऐसे लोगों की सूची सामने आई जिनके नाम पीएम किसान सम्मान निधि की पात्रता सूची में शामिल नहीं हैं। जिले में 2473 आयकर दाता ऐसे मिले जो योजना का लाभ ले रहे हैं। सरकार ने इनकी किस्त पर जब तक रोक लगाई तब तक वह छह किस्त के रूप में 12-12 हजार ले चुके थे। जिले में मौजूदा समय में कुल 2.12 लाख पंजीकृत किसान हैं। इसमें दो लाख आठ हजार किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। उपकृषि निदेशक अरविंद सिंह ने बताया कि दूसरी नोटिस में 18 प्रतिशत ब्याज भी शामिल किया जाएगा। तीसरी नोटिस में उनके खिलाफ कूटरचित तरीके से लाभ लेने को लेकर मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है।