आगामी अक्तूबर माह में इंडिया कारपेट एक्सपो भदोही में होगा। जिले के लिए यह काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां पहली बार इंडिया कारपेट एक्सपो होगा। अब तक अक्टूबर में होने वाला एक्सपो वाराणसी में होता रहा है। सोमवार को आगरा में हुए कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) की प्रशासनिक समिति की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग गई। बैठक में उपाध्यक्ष का चुनाव भी कराए जाने को मंजूरी देते हुए फरवरी के शुरूआत में चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ करने को मंजूरी दी गई। बैठक में रोडटेप, बंद चल रही इंट्रेस्ट सबवेंशन स्कीम पर प्रगति की जानकारी दी गई साथ ही कालीन लेबल के स्वरूप में बदलाव कर भारतीय कालीन उद्योग हित में इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।
भदोही में 200 करोड़ की लागत से कारपेट एक्सपो मार्ट तो बनकर तैयार हो गया, लेकिन जब आयोजन की बात आई तो कोविड-19 महामारी का संकट आ गया। इससे लगभग दो वर्ष नुकसान होने के बाद आखिरकार 14 से 17 अक्तूबर के बीच यहां चार दिवसीय एक्सपो की संस्तुति सीईपीसी बोर्ड ने कर दी। यह भदोही-मिर्जापुर समेत पूर्वांचल के कालीन उद्यमियों के बड़ी खबर है। बैठक में बीते 27 दिसंबर को केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के अधीन विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय से परिषद के उपाध्यक्ष का चुनाव एक महीने में कराने के निर्देश वाले पत्र पर विचार करते हुए बोर्ड चुनाव कराने को तैयार हो गया और अधिशासी निदेशक को फरवरी के प्रथम सप्ताह में चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। देश विदेश में बाल बंधुआ मजदूर रहित कालीन प्रमाणित करने वाले कालीन लेबल को गति देने के लिए काफी देर तक विचार विमर्श किया गया। बोर्ड के सदस्यों का मानना था कि तकनीक के विकास को देखते हुए कालीन लेबल में क्यूआर कोड जोड़ कर दुनिया भर में भारतीय कालीनों की बेहतर ढंग से ब्रैंडिंग और प्रमोशन किया जा सकता है। इस पर काम आगे बढ़ाने की सस्तुति की गई। अध्यक्ष उमर हमीद ने बोर्ड को रोडटेप योजना और पिछले एक अक्टूबर से बंद इंट्रेस्ट सबवेंशन स्कीम योजना के लाभ के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। बैठक में कैप्टन मुकेश, वासिफ अंसारी, श्रीराम मौर्य, असलम महबूब, रोहित गुप्ता, इम्तीयाज अंसारी, हाजी फिरोज वजीरी, अनिल कुमार सिंह, दर्पण बरनवाल, रामदर्शन शर्मा, शेख आशिक अली आदि मौजूद रहे।