उनके अधिवक्ता हंसाराम शुक्ला, आनंद शुक्ला, स्वामीनाथ मिश्र और रीमा पांडेय ने बताया कि दुष्कर्म मामले में अगली सुनवाई सात अप्रैल को होगी। वहीं संपत्ति हड़पने के मामले में पूर्व विधायक सीजेएम साबिया खातून के कोर्ट में पेश हुए। जहां पर एसटीएफ ने 14 दिन की रिमांड मांगी।
विजय मिश्र को अगस्त 2020 में मध्य प्रदेश के आगर जिले में मालवा से गिरफ्तार किया गया था। तभी से वह आगरा के सेंट्रल जेल में निरुद्ध हैं। पूर्व विधायक पर उनके ही रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी ने संपत्ति हड़पने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इसके अलावा सामूहिक दुष्कर्म, धमकी सहित कई अन्य केस दर्ज हैं। पूर्व विधायक के अलावा मुकदमे में उनके बेटे विष्णु मिश्र, बेटी सीमा मिश्र, डीघ ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्र सहित कई करीबी भी शामिल है।
एमपी/एमएलए कोर्ट में शुक्रवार को पेश होने आए पूर्व विधायक विजय मिश्र समर्थकों को देख भावुक हो गए। चुनावी हार का शिकन भी चेहरे पर नहीं दिखा। कोर्ट में पेशी के बाद लौटते समय चलते-चलते पत्रकारों से कहा कि सब आल इज वेल है। योगी के सीएम बनने के सवाल पर कहा कि वह हमारे भी सीएम हैं। इस दौरान पूर्व एमएलसी और पत्नी रामलली मिश्रा और बेटी रीमा पांडेय से भी बात की।