एक देश, एक कार्ड योजना के तहत चल रहे सत्यापन में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जिले के 15 हजार कार्डधारक दो स्थानों पर राशन लेते मिले। उनके एक स्थान के कार्ड को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब एक व्यक्ति का एक ही स्थान पर राशन कार्ड रहेगा। उपभोक्ता को अपने पैतृक गांव या फिर वर्तमान निवास स्थान में से किसी एक जगह का कार्ड निरस्त कराना होगा। एक स्थान का कार्ड न लौटाने वालों के दोनों स्थानों के कार्ड निरस्त हो जाएंगे।
जिले की तीनों तहसीलों में ग्रामीण एवं शहरी कुल 700 से अधिक राशन की दुकानें हैं। इसमें तीन लाख पात्र गृहस्थी और 38 हजार 264 अंत्योदय कार्ड धारक हैं। एक देश, एक कार्ड के तहत ऑनलाइन-आफलाइन कार्डों का सत्यापन किया जा रहा है। पूर्ति विभाग की जांच में जिले के 15 हजार कार्डधारक ऐसे पाए गए जिनका गांव में राशन कार्ड होने के साथ ही दिल्ली, मुंबई सहित अन्य प्रांतों में बने हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित कर एक कार्ड को सरेंडर करने का नोटिस जारी किया गया है। पंद्रह दिन के अंदर कार्ड सरेंडर न करने पर निरस्त हो जाएगा। जिला पूर्ति अधिकारी सीमा सिंह ने बताया कि कार्डधारक अगर सरेंडर नहीं करेगा तो उस पर कानूनी कार्रवाई भी संभव है। उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यवस्था की है कि अब कार्डधारक कहीं से राशन ले सकता है। यदि भदोही के सुरियावां का व्यक्ति मुंबई में रहता है तो यहां के राशन कार्ड से वहां पर राशन ले सकता है। यह योजना जिले में भी प्रभावी हो चुकी है। इसके तहत दो स्थानों पर राशन कार्ड बनवाकर लाभ लेने वाले लोगों की सूची मिली है। ऐसे लोगों को सूचना देकर एक जगह से नाम काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एक देश, एक राशन कार्ड योजना के तहत सत्यापन में गड़बड़ी पकड़ में आई है। दो स्थानों पर कार्ड बनवाने वाले लोगों का एक स्थान का कार्ड निरस्त किया जाएगा और उसका लाभ पात्र को दिया जाएगा। -सीमा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी