न्यायालय के आदेश पर सोमवार को ज्ञानपुर, औराई और भदोही तहसील प्रशासन ने अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाया। तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई को देखने के लिए हाईवे समेत स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ जुटी रही।
ज्ञानपुर तहसील के डीघ ब्लाक अंतर्गत गोधना गांव में हाईवे से सटे विशालकाय तालाब के किनारे अतिक्रमणकर काफी दिनों से चलवाए जा रहे ढाबे को ढहाते देर नहीं लगा। एएसपी राजेश भारती पीएसी, ऊंज, कोइरौना थाना पुलिस के साथ मौके पर तब तक रहे जब तक ढाबा पूरी तरह से गिराया गया। एसडीएम ज्ञानपुर योगेंद्र कुमार ने कहा कि आगे भी इस तरह का अभियान जारी रहेगा। इसी क्रम में भदोही तहसील के चौरी-कोम गांव स्थित ग्रामसभा की जमीन पर बने रिहायाशी मकान को देखते ही देखते एसडीएम भदोही अश्वनी पांडेय ने जेसीबी से गिरवाया। इस मौके पर एडीएम एसके मिश्रा, तहसीलदार सत्यशील प्रजापति, नायब तहसीलदार ज्ञान सिंह, कानूनगो अनिल तिवारी, रोशन सिंह, प्रभारी निरीक्षक पूजा कौर, चित्रकुट पुरी समेत बड़ी संख्या में राजस्व विभाग के अधिकारी खसरा-खतौनी के साथ उपस्थित रहे। औराई एसडीएम चंद्रशेखर ने बताया कि अमवामाफी में प्राथमिक विद्यालय की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटवाया गया।
छह लाख का हुआ नुकसान, प्रशासन ने नहीं दी मोहलत
ज्ञानपुर तहसील के डीघ ब्लाक अंतर्गत गोधना गांव निवासी शिवराज पासी ने आरोप लगाया है कि तहसील प्रशासन ने इतना भी मोहलत नहीं दिया कि ढाबे में रखे सामानों को हटाया जा सके। मलबे में दबकर लगभग छह लाख रुपये के सामान नष्ट हुए हैं। यह भी बताया कि प्रशासन यदि दो दिन पहले नोटिस दिया होता तो सामान सुरक्षित कर लिया जाता। गत वर्ष मिली नोटिस का जवाब दाखिल कर वह प्रति माह हजारों रुपये टैक्स भर रहा था। मलबे में दब कर नष्ट हुए सामानों की क्षतिपूर्ति का दी जाए।