नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर अस्पतालों में चाक चौबंद व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए जिला अस्पताल के अलावा एक राजकीय चिकित्सालय, तीन सीएचसी में पांच ऑक्सीजन प्लांट चालू कर दिए गए हैं। महाराजा बलवंत सिंह जिला अस्पताल को एल टू अस्पताल बनाया गया है। यहां दो ऑक्सीजन प्लांट चल रहे हैं। एक सामान्य मरीजों के लिए और दूसरा कोरोना संक्रमितों के लिए सुरक्षित किया गया है। इसके अलवा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन भी मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। हालांकि अभी तक ओमिक्रॉन का मामला जिले में सामने नहीं आया है।
नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के साथ कोरोना संक्रमण एक बार फिर अपने नए स्वरूप के साथ सामने आ रहा है। इससे सबसे ज्यादा शहरों में रहने वाले लोग दहशत में हैं। इससे बचाव के लिए विशेषज्ञों ने लोगों को कोरोनारोधी वैक्सीन लगवाने और भीड़भाड़ वाले जगहों पर मॉस्क और दो गज की दूरी बनाकर चलने की सलाह दी है। दूसरी लहर में ऑक्सीजन संकट को देखते हुए महाराजा चेत सिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर, एमबीएस भदोही, सीएचसी सुरियावां, औराई और डीघ में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो चुके हैं। जिनसे ऑक्सीजन का उत्पादन भी शुरू हो गया हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 260 ऑक्सीजन युक्त बेड को रिजर्व रखा गया है। महाराजा बलवंत सिंह जिला अस्पताल को एल टू अस्पताल बनाया गया है। इसमें दो ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं, जिसमें एक सामान्य मरीजों के लिए और एक कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन भी मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए 260 बेड रिजर्व किए गए हैं। जिसमें एमबीएस अस्पताल भदोही में 120, जिला अस्पताल में 50 और तीन सीएचसी में 30-30 बेड बने हैं।