कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इसकी रोकथाम के लिए शासन और प्रशासन की ओर से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जिले में कोविड कंट्रोल रूप और निगरानी समितियों को सक्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा पांच अस्पतालों में कोविड वार्ड भी बनाए गए हैं। संक्रमितों के इलाज में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके मद्देनजर डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और उनके वाहनों को विधानसभा चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा। मुख्य सचिव का पत्र मिलने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने आवश्यक कदम उठाना शुरू कर दिया है।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। प्रतिदिन नए संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इसकी रोकथाम के लिए शासन की ओर से हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए रात्रि कालीन कर्फ्यू भी प्रभावी है। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी की गई है। वहीं विधानसभा चुनाव का बिगुल भी बज गया है। मतदान से पूर्व इसकी तैयारी पूरी करनी है। संक्रमितों के इलाज में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके मद्देनजर डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और उनके वाहनों को विधानसभा चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा। विधान सभा चुनाव के लिए 710 मतदान केंद्र और 1371 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। यहां अंतिम यानी सातवें चरण में 10 मार्च को 11 लाख से अधिक मतदाता मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान के दौरान यहां की हर गतिविधि पर आयोग नजर रखेगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेंद्र मिश्र का कहना है कि कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। चुनाव भी कराना है और लोगों का स्वास्थ्य भी देखना है। इसलिए शासन के निर्देश पर चिकित्सकों संग स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी चुनाव में नहीं लगाई जाएगी।