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पांच टन तो उठा नहीं पा रहे, अब अतिरिक्त कचरे का बोझ

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दीपावली पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है लोग अपने घरों की साफ-सफाई में जुट गए हैं। ऐसे में घरों से निकल रहे इस कूड़े को ठिकाने लगाना नगर पालिका और नगर निकायों के लिए चुनौती बन गया है। हालांकि निकायों की ओर से कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था पूरी करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। शहर से रोजाना पांच-छह टन कूड़ा निकलता है। इसका ही निपटारा नहीं हो पाता। ऐसे में पर्व पूर्व अतिरिक्त कचरे को समय से उठाने की तैयारी के दावे पर लोग भरोसा नहीं कर पा रहे। लोगों का कहना है कि अभी पहले वाला ही कचरा नहीं उठ पाया है। जहां से उठता भी है वह डपिंग ग्राउंड तक कम ही पहुंचता है। कुछ कचरा तो मोहल्ले की खाली पड़ी जमीनों और गलियों के किनारे ही फेंक दिया जाता है।
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जिला मुख्यालय ज्ञानपुर शहर में नगर पंचायत है। यहां कुल 11 वार्ड हैं। करीब 40 हजार की आबादी रहती है। लोगों के घरों से करीब पांच से छह टन कचरा रोजाना निकलता है। उसे उठाने के लिए नगर पंचायत प्रशासन ने इंतजाम किया है। कहने को तो प्रतिदिन घर-घर कूड़ा उठाया जाता है, और उसे कूड़ा निस्तारण केंद्र भेजा भी जाता है। लेकिन जिला पंचायत के पीछे गोयल गली के पास और पुरानी कलेक्ट्री के पीछे कई दिनों तक कूड़ा पड़ा रहता है। कुछ स्थानों पर तो खाली जमीन पर ही कूड़ा फेंका जा रहा है। इससे दुर्गंध उठती रहती है। यहीं हाल गोपीगंज नगर पालिका क्षेत्र का भी है। गोपीगंज कोतवाली के सामने कई दिनों से कूड़े का ढेर लगा हुआ है। यहां तक कि सफाई कर्मचारी भी नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों को संक्रामक बीमारियों का डर सता रहा है।
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