जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के करीब 350 छात्र-छात्राओं की बोर्ड परीक्षा पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इन विद्यार्थियों का प्रधानाचार्यों की ओर से मिसमैच फोटो और दिव्यांग प्रमाणपत्र परिषद की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया है। इसके चलते परिषद से प्रवेश पत्र जारी होना मुश्किल हो गया है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए परिषद ने सात मार्च तक अंतिम मौका दिया है। अपलोड नहीं किए जाने पर स्कूल की मान्यता प्रत्याहरण और काली सूची में डालने की चेतावनी दी गई है।
जिले में 36 राजकीय, 25 वित्तपोषित सहित कुल 183 माध्यमिक और इंटर कॉलेज हैं। विधानसभा चुनाव के कारण मार्च के दूसरे पखवाड़ा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा संभावित है। इसके लिए जिले में 90 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में 49 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे। माध्यमिक और इंटर कॉलेजों की ओर से परिषद की वेबसाइट पर छात्र-छात्राओं के परीक्षा फार्म आदि अपलोड किए गए हैं, लेकिन 350 विद्यार्थियों की फोटो मिसमैच हो गई है। जिसके सुधार के लिए पखवाड़ा भर पूर्व से ही विभाग प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर चुका है। तीन बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी प्रधानाचार्य उदासीन बने हुए हैं। ऐसे में सही फोटो और प्रमाणपत्र अपलोड नहीं होने पर 350 विद्यार्थी परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता ने बताया कि 74 प्रधानाचार्य इस मसले पर उदासीन हैं। चुनाव के मद्देनजर परिषद ने सात मार्च तक अपलोड करने का अंतिम मौका दिया है। उक्त तिथि तक अपलोड नहीं होने पर संबंधित विद्यार्थियों को फर्जी मानते हुए बोर्ड से उन्हें प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिषद ने सख्त हिदायत दी है कि जिन स्कूलों की ओर से ऐसा नहीं किया जाएगा, उनकी मान्यता समाप्त करें, साथ ही काली सूची में भी डाला जाय।