भदोही। चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) की ओर से 42 साल के बाद तैयार नगर के मास्टर प्लान को शीघ्र ही धरातल पर उतारे जाने की कवायद तेज हो गई है। बृहस्पतिवार को बीडा के सभागार में प्रभारी मुख्य कार्यपालक अधिकारी और जिलाधिकारी विशाल सिंह ने विकास कार्यों की समीक्षा की। डीएम ने मास्टर प्लान के तहत होने वाले काम के बारे में जानकारी और क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं के बारे में चर्चा की।
बीडा सीईओ ने मास्टर प्लान तैयार करने वाले रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर लखनऊ, नगर ग्राम्य नियोजक विभाग के अधिकारियों के अलावा बीडा अधिकारियों के साथ बीते सप्ताह बैठक कर मास्टरप्लान में आवश्यक फेरबदल का निर्देश दिया था। मास्टर प्लान के दोबारा देखने के बाद पेश करने की बात कही थी। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को डीएम ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। मास्टर प्लान में और देरी न किये जाने का निर्देश दिया। उन्होंने बीडा के मातहतों से प्रकाशन कराकर सुझाव और शिकायतें मांगे जाने की प्रक्रिया शुरू कराने की बात कही। भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण का गठन 42 साल पहले हुआ था। 42 सालों में बीडा ने जनपद को कई परियोजनाएं दी, लेकिन मास्टर प्लान जो सबसे महत्वपूर्ण अंग है ना तो तैयार किया गया ना ही लागू किया जा सका था। पिछले वर्ष बतौर सीईओ यहां आए प्रेम रंजन सिंह ने मास्टर प्लान की कवायद तेज की थी। जो अब संभवत: धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। बैठक में उप कार्यपालक अधिकारी अनीता देवी, वरिष्ट नियोजक आरपी कौशिक, नगर ग्राम्य नियोजक विभाग के आरके उदयन, अमिताभ दास, विनोद कुमार, आदित्य आदि लोग रहे।