ज्ञानपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत चौथे एवं अंतिम चरण में कमजोर आय वर्ग के बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन अंतिम चरण में आवेदकों की रूचि नहीं दिख रही है। 13 दिनों में मात्र 80 बच्चों ने प्रवेश की इच्छा जताते हुए आवेदन किया है। ऐसे में आवेदन की संख्या 150 तक भी पहुंचनी मुश्किल दिख रहा है। अब तक गरीब बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत तीन चरणों में 2700 बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया जा चुका है।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीट कमजोर आय वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रहती है। इनके पठन-पाठन का पूरा खर्च खर्च शासन स्तर से वहन किया जाता है। शिक्षा सत्र 2024-25 के लिए 20 जनवरी से आवेदन शुरू हो चुके हैं। 2500 बच्चों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। सत्यापन के बाद फरवरी के अंतिम सप्ताह में लॉटरी निकाली गई। पहले चरण में 1637 बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया। दूसरे चरण में 1964 बच्चे आवेदन किए थे। इनमें से सत्यापन के बाद 715 आवेदन निरस्त हो गए थे। अप्रैल के पहले सप्ताह में दूसरे चरण की लॉटरी निकाली गई। इसमें 790 बच्चे चयनित हुए। तीसरे चरण में 550 से अधिक आवेदन आए थे। सत्यापन के बाद 16 मई को लॉटरी निकाली गई। इसमें 377 बच्चे चयनित हुए। चयनित बच्चों को 23 मई तक निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया। चौथे एवं अंतिम चरण के लिए एक जून से आवेदन लिया जा रहा है, लेकिन अब तक सिर्फ 80 बच्चों का आवेदन आया है।
कोट
20 जून तक ऑनलाइन आवेदन लिया जाएगा। 21 से 27 जून तक आवेदन सत्यापित होंगे। 28 जून को लॉटरी निकाली जाएगी। सात जुलाई तक चयनित बच्चों का सूचीबद्ध विद्यालयों में प्रवेश कराया जाएगा।
मोहित मौर्य, जिला समन्वयक