मार्च 2022 तक खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से नि:शुल्क वितरित कराए जाने वाले राशन, खाद्य तेल, आयोडाइज्ड नमक और साबूत दाल का वितरण विभाग के लिए चुनौती बन गया है। अब तक 90 फीसदी कोटे की दुकानों पर सामानों की आपूर्ति नहीं हो सकी है। इसको लेकर कोटेदारों में बेचैनी बढ़ गई है।
तीनों तहसीलों औराई, ज्ञानपुर, भदोही के अधीन छह ब्लॉक औराई, भदोही, डीघ, अभोली, सुरियावां और भदोही की 744 कोटे की दुकानों पर प्रति माह योजना का लाभ लेने वाले पात्र गृहस्थी के लगभग तीन लाख और अंत्योदय के लगभग 38266 राशन कार्डधारक हैं। महामारी को देखते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार की तरफ से कार्डधारकों को दिसंबर 2021 से मार्च 2022 तक माह के दोनों चरणों में प्रति यूनिट पांच किलोग्राम गेहूं, चावल, एक लीटर खाद्य तेल, एक किलोग्राम नमक, एक किलोग्राम साबूत दाल दिए जाने की घोषणा का कार्डधारक इंतजार कर रहे हैं। राशन की आपूर्ति आरएफसी तो खाद्य सामानों की पूर्ति नैफेड से उपलब्ध कराने का निर्देश गत माह ही मिला था। कोटेदारों का कहना है कि अभी तक न तो उन्हें शत प्रतिशत राशन मिल सका है और न ही खाद्य सामग्री। कोटेदार संघ के औराई ब्लॉक अध्यक्ष अंजनी उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि अभी तक एक भी कोटे की दुकान पर सामानों की शत प्रतिशत उपलब्धता नहीं हो सकी है। ऐसे में वितरण कहां तक संभव हो पाएगा, कह पाना मुश्किल है, जबकि विभागीय अधिकारी कुछ भी नहीं बोल रहे हैं और सिर्फ वितरण कराने को लेकर अडिग हैं। कोटेदार संघ के जिलाध्यक्ष कल्लू तिवारी ने कहा कि कोटेदारों को पूरा सामान देकर वितरण की तिथि तय की जानी चाहिए थी। विवाद को देखते हुए सभी कोटे की दुकानों पर पुलिस बल की तैनाती कराई जाए। डीएसओ सीमा सिंह ने कहा कि सामानों का उठान होने के साथ वितरण निर्धारित समय से शुरू होगा। इसके लिए नोडल की तैनाती भी कर दी गई है।