महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले कार्यकर्ताओं, मिनी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने मांगो को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपे।
मानदेय बढ़ाने से लेकर अन्य मांग जल्द पूर्ण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। संघ के संरक्षक जय कुमार सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ केंद्र और प्रदेश सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है।
पूर्व में हुए समझौते को अविलंब लागू किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय 18 हजार और सहायिका का 10 हजार 500 करने, मुख्य सेविकाओं के पद पर प्रति चयन, पोषण ट्रैकर चलाने के लिए मोबाइल की सुविधा, राज्य कर्मचारी का दर्जा दिलने की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष प्रेमलता सिंह ने कहा कि मुख्य सेविकाओं की तरफ से जांच के नाम पर उत्पीड़न किया जाता है। इस पर तत्काल रोक लगाई जाएं।
जिला उपाध्यक्ष अनिता मौर्य ने कहा कि जब तक उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता तब तक 18 हजार मानदेय दिया जाएं। 62 वर्ष की उम्र पूर्ण होने पर सभी को पांच लाख का सेवा पुरस्कार दिया जाएं।
विभागीय काम के अलावा अन्य काम न कराए जाएं। इस मौके पर अनीता सिंह, आशा मिश्रा, शकुंतला देवी, सरिता शर्मा, नीलम सिंह, रेखा मौर्य, कुमुम पांडेय, शैल सिंह, उमा देवी, मीरा आदि रहीं।