ज्ञानपुर। निलंबित सचिव नितिश वर्मा के फंड ट्रांसफर आर्डर से 45.33 लाख रुपये ट्रांसफर के मामले में शिव शक्ति ट्रेडर्स समेत पांच फर्मों पर भी शिकंजा कस गया है। वाणिज्यकर विभाग ने चारों फर्मों का जीएसटी नंबर मांगा है। एडीओ अजय पांडेय के मामले में पीएमओ कार्यालय तक शिकायत पहुंची है। जिसको पीएमओ ने भी संज्ञान लेकर जांच का निर्देश दिया है। इससे विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई है। विकास खंड डीघ में तैनात सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने निलंबित सचिव के एफटीओ से 11 ग्राम पंचायतों में 45.33 लाख रुपये चहेती फर्मों के खाते में भेज दिया। अपने खास फर्म शिव शक्ति को एक मुश्त 33 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह फर्म एक रोजगार सेवक के भाई के नाम है। कौलापुर स्थित इसके कार्यालय पर ब्लॉक के सभी प्रधानों और सचिवों का जमावड़ा लगता था। चारों फर्मों के खिलाफ जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने वाणिज्यकर विभाग को पत्र लिखा है। जिसमें जीएसटी नंबर न होने पर वाणिज्यकर विभाग ने उसकी मांग की है।
सहायक आयुक्त वाणिज्यकर संजय कुमार सिंह ने बताया कि सीडीओ का पत्र आने के बाद जांच शुरू की गई, लेकिन जीएसटी नंबर न होने से फर्मों का लेखाजोखा नहीं मिल पा रहा है। इसलिए पत्र भेजकर शिवशक्ति ट्रेडर्स, यश इंटरप्राइजेज, यादव विल्डिंग मटेरियल, टीएस ईंट उद्योग का जीएसटी नंबर मांगा है। नंबर मिलने पर जांच आगे बढ़ेगी। वहीं दूसरी ओर सोनैचा गांव निवासी अधिवक्ता योगेश कुमार पांडेय ने प्रधानमंत्री कार्यालय पत्र भेजकर एडीओ डीघ के प्रकरण में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। जिसमें आरोप लगाया कि विकास भवन के एक अधिकारी के संलिप्तता के कारण डीडीओ की जांच रिपोर्ट आने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। उक्त शिकायत का पीएमओ ने संज्ञान लिया। प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि पत्र आने के बाद डीपीआरओ को निर्देशित किया गया है।