ज्ञानपुर। जिले में 150 से अधिक परिषदीय स्कूलों के 201 भवन जर्जर हो चुके हैं। एक साल पूर्व टीम ने जर्जर भवन चिह्नित किए थे, लेकिन रेट निर्धारण न होने से नीलामी लटकी हुई है। इससे उन भवनों को गिराया नहीं जा सका। विभाग अब नए सिरे से आकलन कराने की तैयारी में है।
जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं। इसमें दो लाख 14 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। हर साल बारिश से पूर्व डेढ़ से दो दशक पुराने भवनों की जांच की जाती है। 2021 में बेसिक शिक्षा अधिकारी की टीम ने भवनों की जांच की तो 150 स्कूलों के 201 भवन जर्जर मिले। ऐसे भवनों को नीलाम कर नष्ट करने की संस्तुति की गई, लेकिन साल भर से अधिक समय गुजरने के बाद भवनों की नीलामी नहीं हो सकी। स्कूल के दूसरे भवन के साथ ही जर्जर भवन सटे हैं। इससे कभी भी हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। जिला समन्वयक निर्माण शिवम सिंह ने कहा कि आरईएस और लोक निर्माण विभाग की ओर से रेट अधिक तय किया जा रहा है। इससे नीलामी नहीं हो सकी। अब नए सिरे से भवन की कीमत का आकलन कर नीलामी की जाएगी। प्रभारी बीएसए रमाकांत सिंह ने कहा कि चिह्नित जर्जर भवनों के बाहर बच्चों के न बैठने के लिए लिखित संदेश दिया गया है। अब नए सिरे से नीलामी की जाएगी।