प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की वेबसाइट बृहस्पतिवार को सुस्त हो गई। सर्वर फेल होने से ई-केवाईसी कराने में लाभार्थियों के पसीने छूट गए। सुबह से लेकर देर रात तक सहज जन सेवा केंद्रों पर भीड़ रही। अब तक एक लाख लाभार्थी ही ई-केवाईसी करा सके हैं। इन्हें ही अप्रैल में प्रधानमंत्री सम्मान निधि मिलेगी। एक लाख 26 हजार किसानों को 22 मई तक ई-केवाईसी कराने का मौका दिया गया है। हालांकि उसी दौरान उनको योजना का लाभ भी मिल सकेगा।
राहत देने के लिए केंद्रीय बजट में किसानों को छह हजार रुपये वार्षिक देने की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पहली किस्त दिसंबर 2019 में जारी हुई थी। शुरूआती दौर में जिले में 1.71 लाख किसानों को योजना का लाभ मिला था। इसके बाद से किसानों की संख्या लगातार बढ़ती गई। वर्तमान में जिले के 2,26,280 किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। भारत सरकार की ओर से सख्त हिदायत दी गई है कि प्रत्येक लाभार्थी को ई- केवाईसी कराना अनिवार्य है। बीते 10 मार्च को विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद लाभार्थी किसान ई-केवाईसी कराने में जुट गए, लेकिन कभी सर्वर फेल होने तो कभी वेबसाइट स्लो चलने के कारण बृहस्पतिवार की शाम तक एक लाख लाभार्थी ई-केवाईसी करा सके थे। ऐसे में योजना की 11वीं किस्त एक लाख ही किसान पाएंगे। उप निदेशक कृषि अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि किसानों को स्वयं ई-केवाईसी करानी है। उन्होंने बताया कि 22 मई तक ई-केवाईसी कराने का मौका दिया गया है। हालांकि 31 मार्च तक ई-केवाईसी कराने वाले किसानों को 11वीं किस्त शुरू में ही मिल जाएगी, जबकि विलंब से कराने वाले लाभार्थियों के खाते में किस्त बाद में जाएगी।