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महिला अस्पताल की चिकित्सक सीडब्ल्यूसी में तलब

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महिला अस्पताल की चिकित्सक सीडब्ल्यूसी में तलब
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मेडिकल जांच में लापरवाही व मनमानी का आरोप, मांगा स्पष्टीकरण
बस्ती। पीड़ित बालिकाओं के मेडिकल जांच में लापरवाही एवं मनमानी करने पर महिला अस्पताल की चिकित्सक डॉ. अनीता वर्मा को(बाल कल्याण समिमि) सीडब्ल्यूसी ने न्याय पीठ के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार पीड़ित बालिकाओं को बाल कल्याण समिति की न्याय पीठ के समक्ष पुलिस की ओर से प्रस्तुत किया जाता है। परिस्थितियों को देखते हुए बाल कल्याण समिति इनकी मेडिकल कराने का आदेश देती है। संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार किसी भी बालिका का जबरिया मेडिकल नहीं किया जा सकता, इसलिए उनसे पूछा जाता है कि वह मेडिकल करवाना चाहती हैं या नहीं। चूंकि पीड़ित बालिका नाबालिग होती हैं, इसलिए उनकी सहमति या असहमति के साथ परिजनों की सहमति की जरूरी है। एक मामले में मेडिकल जांच कराने गई महिला आरक्षी ने न्याय पीठ के समक्ष लिखित शिकायत की है कि पीड़िता के बाबा के रहते हुए डॉ. अनीता वर्मा ने यह कहकर मेडिकल करने से मना कर दिया कि उसकी मां आएंगी तभी मेडिकल किया जाएगा। बाबा के कहने पर मेडिकल करने से मना कर दिया। पीड़िता के माता-पिता उत्तर प्रदेश के बाहर हैं।
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इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीडब्ल्यूसी के चेयर पर्सन प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, डॉ. संतोष श्रीवास्तव, मंजू त्रिपाठी, गोवर्धन गुप्ता ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के माध्यम से पत्र भेजकर महिला चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगा है। पत्र में लिखा है कि चिकित्सक वह नियमावली भी पीठ के समक्ष प्रस्तुत करें जिसमें बाबा, पिता, भाई, भाभी आदि को अभिभावक न माना गया हो। सीडब्ल्यूसी के चेयर पर्सन प्रेरक मिश्र ने कहा कि मामला गंभीर है। मेडिकल में लापरवाही बरतना न्यायालय के आदेश की अवहेलना के साथ ही बाल अधिनियम 2015 का उल्लंघन है।
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