संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। होली का त्योहार खत्म हो गया, मगर बाजार की रौनक बढ़ गई है। क्योंकि ईद का त्योहार करीब है। बाजारों में ईद की खरीदारी शुरू हो गई है। कपड़े, सेवई, खजूर की दुकानें सज गई हैं।
दुकानदारों ने नए स्टाक से दुकानों को सजाया है। परिधान की दुकानों पर महिला-पुरुष और बच्चों की चहल-पहल नजर आ रहा है। महिलाओं को फैंसी सूट, आलिया कट तो बच्चों को जींस टी-शर्ट और पैंट-शर्ट पसंद आ रहा है। पुरुष चिकनकारी कुर्ता की खरीदारी करते नजर आए।
शहर के गांधीनगर, पांडेय बजार, मंगल बाजार, कंपनीबाग में खरीदारों की पूरे दिन चहल-पहल नजर आ रही है। गांधीनगर में देर शाम तक महिलाएं अपने और परिवार के लिए वस्त्रों की खरीदारी करती नजर आईं। रेडीमेड वस्त्रों की दुकानों पर वह अपने लिए सूट पसंद करती नजर आईं।
गांधीनगर के रेडीमेड वस्त्रों के व्यवसायी महेश गुप्ता का कहना है कि महिलाएं फैंसी सूट, आलिया कट और गरारा-शरारा पसंद कर रही हैं। बच्चे जींस, टी-शर्ट और पैंट शर्ट पसंद कर रहे है। इस साल वस्त्रों के भाव में 20 फीसदी की तेजी आई है।
होली के बाद ईद पढ़ने से बाजार ठीक चल रहा है। सलवार सूट न्यूनतम 500 से दो, गरारा-शरारा 1200 से 1400, कुर्ती पैंट 500 से दो हजार, आलिया कट 1200 से दो हजार के हैं। सेवई की दुकानें सजी नजर आ रही हैं। सेवई के दुकानदार मो. नईम के मुताबिक, दाम बढ़ने के बावजूद बिक्री ठीक है।
आने वाले दिनों में मांग के साथ दाम और भी बढ़ने के आसार हैं। किमामी और लच्छा सेवई की मांग अधिक है। दूध के साथ खाए जाने वाले सेवई की भी मांग है। किमामी सेवई 120 रुपये, लच्छा 180 रुपये, मोटी सेवई 100 और सूत फेनी 200 रुपये किलो बिक रहा है। घी, मैदा और सूजी के दाम बढ़ने से सेवई के दाम में पिछले साल के मुकाबले 25 फीसदी की वृद्धि देखी जा रही है।
कलमी और कीमिया खजूर की मांग अधिक ः रमजान माह मे खजूर की अच्छी बिक्री हो रही है। खजूर व्यवसायी अब्दुल वाहिद के मुताबिक, खजूर के दाम में 20 फीसदी की तेजी के बाद भी बिक्री ठीक है। कीमिया और कलमी खजूर मी मांग मध्यम वर्गीय में अधिक है। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले खजूर के भाव 25 प्रतिशत तक बढ़े हैं। अजबा खजूर 200 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गया। कीमिया 150 से 200, कलमी 650 से 900, अजबा 1400 से 1800, मबरूम 900 से 1550, मजदूल 1800 से दो हजार रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं।