बस्ती। कोतवाली थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 10 माली टोला में शुक्रवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया। एसआईआर फाॅर्म भरवाने के लिए तलाशे जाने पर रूपा देवी (50) घर में मृत पड़ीं मिलीं। पति की माैत के बाद वह अकेले रहतीं थीं। उनका शव कई दिन तक घर में पड़ा रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी।
जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 10 माली टोला में रूपा वर्मा घर में अकेले रहती थीं। पति की पहले ही मौत हो चुकी थी और कोई संतान न होने के कारण वह बिल्कुल अकेली पड़ गईं थीं। आसपास के लोगों से मेलजोल कम होने के कारण पड़ोसी भी हालचाल लेने नहीं जाते थे। आसपास के लोगों का कहना है कि अमूमन वह घर में ही रहतीं थीं। पड़ोसियों का कहना है कि करीब पांच दिन पहले रूपा को देखा गया था। इस बीच एसआईआर का फाॅर्म भरा जाने लगा। सभासद दिनेश गुप्ता के मुताबिक एसआईआर भरवाने के लिए वह टीम के साथ दो दिसंबर से लगातार रूपा के घर जा रहे थे और दरवाजा बंद मिल रहा था। लगातार चार दिन तक दरवाजा बंद मिलने पर दिनेश को अनहोनी की आशंका हुई तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
मिर्जापुर में रहने वाली रूपा की बहन को भी सूचना दी गई। कोतवाल दिनेश चंद्र चौधरी ने बताया कि शुक्रवार को रूपा की बहन के आने पर मोहल्ले के लोगों और सभासद की मौजूदगी में खिड़की का शीशा तोड़ा गया तो कमरे में रूपा का शव पड़ा दिखा।
रिश्तेदारों ने शुक्रवार को रूपा वर्मा का अंतिम संस्कार मूड़घाट पर किया। आशंका जताई जा रही है कि दो दिसंबर के आसपास ही रूपा की माैत हो गई थी। कोतवाल ने बताया कि इस मामले में किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है।