दस अरब रुपये से मिलेगा चार सौ गांवों में शुद्ध पेयजल
- हर घर जल मिशन के तहत गांवों में होनी है पेयजल की व्यवस्था
- 185 ग्राम पंचायतों के 400 गांवों को परियोजना में किया गया है शामिल
- 68 गांवों के लिए तकरीबन 175 करोड़ का डीपीआर हुआ तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के चार सौ गांवों में तकरीबन दस अरब रुपये खर्च कर शुद्ध पेयजल का इंतजाम किया जाएगा। इसके लिए जल निगम की टीमों ने गांवों में सर्वे कर लागत का अंदाजा लगाना शुरू कर दिया है। परियोजना के तहत हर गांव में ओवरहेड टैंक बनाया जाएगा और पाइपलाइन बिछाकर जलापूर्ति की जाएगी।
हर घर जल मिशन के तहत शासन ने बस्ती जिले के 185 ग्राम पंचायतों के 400 राजस्व गांवों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था बनाने का निर्देश छह महीने पहले जनवरी 2021 में जारी किया था। इसी बीच यह पूरी परियोजना लघु सिंचाई विभाग को स्थानांतरित कर दी गई। जब तक लघु सिंचाई विभाग सर्वे कर इस्टीमेट बनाता, तब तक शासन ने दोबारा परियोजना का नोडल विभाग जल निगम को बना दिया। सहायक अभियंता वीनस चौधरी व मनीष चंद्र आदि की टीम ने इस दौरान कुल 68 राजस्व गांवों का सर्वे किया तो पता चला कि प्रत्येक गांव की परियोजना पर औसतन ढाई करोड़ रुपये का व्यय आ रहा है। इससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि चार सौ गांवों के लिए लगभग एक हजार करोड़ यानि दस अरब रुपये खर्च आएगा। फिलहाल जल निगम की टीम लगातार गांवों का सर्वे कर आगणन तैयार करने में लगी है और शासन इन राजस्व गांवों में तकरीबन आधा दर्जन फर्मों के जरिए शुद्ध पेयजल के प्रति जागरूक कर रहा है। जल निगम के अधिशासी अभियंता रेहान फारुकी ने बताया कि योजना के तहत शामिल 400 गांवों का सर्वे कर इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। इसे एक माह में पूरा कर लिया जाएगा।
इन 68 गांवों का तैयार हो गया है इस्टीमेट
बस्ती सदर के कोइलपुरा में 2 करोड़ 15 लाख 64 हजार, रानीपुर में 2 करोड़ 18 लाख 72 हजार, देवरिया में 2 करोड़ 7 लाख 63 हजार, रेवली में 1 करोड़ 60 लाख 75 हजार, नरौली में 1 करोड़ 71 लाख 41 हजार, हर्रैया के पिपरा में 2 करोड़ 10 लाख 75 हजार, रेबरादास में 2 करोड़ 65 लाख 92 हजार, थाना खास में 2 करोड़ 6 लाख 79 हजार, जमुनहा कला में 1 करोड़ 55 लाख 39 हजार, खम्हरिया सुजात में 2 करोड़ 18 लाख 86 हजार, महुआपार में 1 करोड़ 92 लाख 4 हजार, विक्रमजोत के गुंडा कुवर में 2 करोड़ 35 लाख 70 हजार, नगरा-बदली में 2 करोड़ 20 लाख 11 हजार, रुधौली के पकरी सोएम में 2 करोड़ 12 लाख 3 हजार, पिपरा खुर्द में 1 करोड़ 77 लाख 60 हजार, कथकपुरवा में 2 करोड़ 35 लाख 26 हजार, भितहरा में 2 करोड़ 14 लाख 15 हजार, हनुमानगंज में 2 करोड़ 44 लाख 62 हजार रुपये, सल्टौआ के परसा-दमया में 3 करोड़ 40 लाख 67 हजार रुपये, सांऊघाट के महुड़र में 2 करोड़ 41 लाख 86 हजार, परसा हज्जाम में 3 करोड़ 11 लाख 85 हजार, कुर्थिया में 2 करोड़ 59 लाख 81 हजार रुपये, बहादुरपुर के धोबहट में 1 करोड़ 88 लाख 95 हजार, अगई भगाड़ में 2 करोड़ 99 लाख 51 हजार, बहादुरपुर गांव में 2 करोड़ 69 लाख 95 हजार, फूलपुर में 1 करोड़ 83 लाख 31 हजार, लोनहा में 1 करोड़ 71 लाख 96 हजार, निरंजनपुर में 1 करोड़ 95 लाख 68 हजार, सैफाबाद में 2 करोड़ 48 लाख 54 हजार, माझा खुर्द में 1 करोड़ 80 लाख 4 हजार, भेलवल में 1 करोड़ 66 लाख 96 हजार, परसरामपुर के पड़री बाबू में 2 करोड़ 39 लाख 94 हजार, नवादा में 2 करोड़ 25 लाख 57 हजार, अरिजनीपुर में 2 करोड़ 8 लाख 46 हजार, जमोलिया में 1 करोड़ 98 लाख 44 हजार, नेदुला में 2 करोड़ 27 लाख 72 हजार, जीतीपुर में 2 करोड़ 74 लाख 35 हजार, कुदरहा के पसरा में 2 करोड़ 34 लाख 6 हजार, बैड़ारी एहतमाली में 2 करोड़ 39 लाख 89 हजार, गौरा रोहारी में 2 करोड़ 5 लाख 64 हजार, डीहपुर में 2 करोड़ 87 हजार, सेल्हरा में 2 करोड़ 20 लाख 6 हजार के अलावा बनकटी के डडवालगुनी में 1 करोड़ 84 लाख 42 हजार, बेलसुई में 2 करोड़ 59 लाख 8 हजार, पढ़री में 1 करोड़ 97 लाख 97 हजार, गुलरिहा सिरमा में 2 करोड़ 16 लाख 1 हजार, गोविंदपुर में 1 करोड़ 95 लाख 17 हजार, मेहारा में 2 करोड़ 49 लाख 24 हजार, खजुही उर्फ बासगांव में 2 करोड़ 5 लाख 74 हजार, खापोखर में 2 करोड़ 21 लाख 99 हजार रुपये, रामनगर के बढ़या लाल सिंह में 1 करोड़ 42 लाख 85 हजार, घोसरह में 1 करोड़ 88 लाख 9 हजार, दुबौलिया के बरदिया कुवर में 2 करोड़ 50 लाख 88 हजार, चकोही में 2 करोड़ 31 लाख 7 हजार, बरसाव में 3 करोड़ 88 लाख 13 हजार, मसहा में 2 करोड़ 1 लाख 98 हजार, खुशहालगंज में 2 करोड़ 12 लाख 5 हजार, धर्मूपुर में 3 करोड़ 37 लाख 7 हजार, श्रवनपुर पांडेय में 1 करोड़ 89 लाख 16 हजार, गौर के चंदा बुजुर्ग में 1 करोड़ 79 लाख 9 हजार, मंसूरनगर में 2 करोड़ 6 लाख 8 हजार, तरैनी में 2 करोड़ 25 लाख 84 हजार, कप्तानगंज के परिवारपुर में 1 करोड़ 92 लाख 62 हजार, लखनपुर में 1 करोड़ 93 लाख 8 हजार, भरु में 2 करोड़ 21 लाख 84 हजार, पेंदा में 2 करोड़ 26 लाख 67 हजार, रखिया में 2 करोड़ 80 हजार, बढ़नी में 2 करोड़ 62 लाख 62 हजार अनुमानित लागत तय किया गया है।