तीन श्रेणियों में बांटे गए प्रथम डोज टीकाकरण वाले गांव
सभी को दोनों डोज लगवाने वाले गांव बनेंगे कोविड सुरक्षित ग्राम
80 प्रतिशत से ज्यादा टीकाकरण वाले गांव को किया जाएगा संतृप्त
बस्ती। कोरोनारोधी टीकाकरण में तेजी लाने के लिए अब क्लस्टर मॉडल-2 कार्यक्रम चलेगा। 80 प्रतिशत से ज्यादा प्रथम डोज का टीका लगवा चुके गांव को संतृप्त किया जाएगा। दोनों डोज पूर्ण करने वाले ग्राम को ‘कोविड सुरक्षित ग्राम’ घोषित किया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) की ओर से सीएमओ को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोनारोधी टीका लगाने के लिए क्लस्टर माध्यम को लागू किया गया है। इस अभियान के तहत प्रदेश में 65 प्रतिशत लाभार्थियों को प्रथम डोज व 20 प्रतिशत को दूसरा डोज लगाया जा चुका है। देश में 100 करोड़ टीकाकरण लक्ष्य में 12.23 करोड़ डोज लगवाने में प्रदेश का बड़ा योगदान है। शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए अतिरिक्त प्रयास की जरूरत है। इसके तहत फिक्सड बूथ, क्लस्टर अप्रोच, मेगा वैक्सीनेशन डे संचालित रहेंगे। क्लस्टर मॉडल के माध्यम से जिन गांवों व मोहल्लों में प्रथम डोज सफलता पूर्वक लगाया गया है, उन्हीं जगहों पर क्लस्टर मॉडल का उपयोग करते हुए दूसरी डोज लगाई जाएगी।
क्लस्टर मॉडल- 2 के तहत लगेगा प्रथम डोज
प्रथम डोज के शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वतंत्र आंकलन राजस्व विभाग से कराया जाएगा। आंकलन के अनुसार ग्रामों को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। इनमें 95 प्रतिशत या उससे अधिक प्रथम डोज टीकाकरण, 80-95 प्रतिशत प्रथम डोज टीकाकरण व 80 प्रतिशत से कम प्रथम डोज टीकाकरण शामिल हैं। इस सूची के आधार पर 80 प्रतिशत तक टीकाकरण वाले गांव को प्राथमिकता के आधार पर संतृप्त किया जाएगा। किसी ग्राम के संतृप्त हो जाने पर उसे प्रथम डोज संतृप्त गांव की संज्ञा दी जाएगी। ग्राम प्रधान को सम्मानित किया जाएगा। कम टीकाकरण वाले गांव को संतृप्त कराने के लिए पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, ग्राम विकास विभाग आदि का सहयोग लिया जाएगा।
लक्ष्य के अनुरूप अधिकतर लोगों को प्रथम डोज का टीका लग चुका है। शेष प्रथम डोज के साथ ही अब ज्यादा से ज्यादा लोगों को दूसरा डोज लगाने का प्रयास किया जा रहा है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार टीकाकरण अभियान संचालित करने की तैयारियां की जा रही हैं। जिले के रुधौली व दुबौलिया में 80 प्रतिशत से अधिक प्रथम डोज लग चुकी है। यहां दूसरी डोज के लिए कलस्टर मॉडल-2 के माध्यम से कार्यवाही की जा रही है।
डॉ. एफ हुसैन, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी