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Basti News: रंग लाया आंदोलन...बदलने लगी मेडिकल कालेज की फिजा

Tue, 03 Sep 2024 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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- सुरक्षा पर विशेष फोकस... दुरुस्त की जा रही मेडिकल कॉलेज की आंतरिक व्यवस्था
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- कोलकाता की घटना के बाद आंदोलित चिकित्सकों की मांग पर शुरू हुआ बदलाव
- सीसीटीवी कैमरों से लैस होगा अस्पताल और परिसर, बढ़ेगी सुरक्षा गार्डों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अंधेरा छंटेगा..। व्यवस्था बदलेगी। कवायद छिड़ चुकी है। कोलकाता की घटना के बाद यहां भी महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज और प्रशासनिक अमला सजग हो गया है। घटना के विरोध आंदोलित रेजीडेंट एवं इंटर्न चिकित्सकों की मांग इसमें और तेजी ले आई है। मेडिकल कॉलेज परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। रात में अस्पताल, परिसर, गेट हर जगह उजाला दिखेगा।
सुरक्षा की दृष्टि से कैंपस में बदलाव शुरू हो गए हैं। अस्पताल के अंदर हो बाहर परिसर में लाइटिंग की व्यवस्था दुरुस्त करा दी गई है। अब यहां मुख्य गेट से लेकर अस्पताल और आवासीय क्षेत्र तक कोई भी स्ट्रीट लाइट खराब नहीं मिलेगी। शाम ढलने के बाद सब जगमगाती हुई नजर आएंगी। कॉलेज के अंदर सौ से अधिक स्ट्रीट लाइटें मरम्मत कराकर ठीक करा दी गई है। इसके अलावा अन्य बदलाव के लिए भी कवायद शुरू हो गई है। अस्पताल और परिसर में कोने- कोने पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाने की पहल हो चुकी है। मुख्य द्वार से लेकर कैंपस, इमरजेंसी, ओपीडी, सभी गलियारों और रास्तों पर कैमरे लगाए जाएंगे। एक कम्यूनिटी हॉल में इन कैमरों के जरिये चप्पे- चप्पे पर नजर रखी जाएगी। कहीं पर भी संदिग्ध गतिविधियां दिखते ही कॉलेज प्रशासन अलर्ट मोड में आ जाएगा। इसके अलावा ओपेक चिकित्सालय कैली की क्षतिग्रस्त चहारदीवारी की मरम्मत कराने की भी योजना बनने लगी है। सुरक्षा गार्ड से लेकर सफाई तक के इंतजाम पर विशेष फोकस दिया जा रहा है।
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चिकित्सकों ने उठाई थी सुरक्षा की मांग
कोलकाता में महिला चिकित्सक के साथ हैवानियत के बाद आंदोलन की लौ यहां भी तेज हुई थी। मेडिकल कॉलेेज के रेजीडेंट एवं इंटर्न चिकित्सक आंदोलन खड़ा किए थे। इस दौरान चिकित्सकों की ओर से प्रधानाचार्य को मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया था। इसमें कैंपस की सुरक्षा बढ़ाने, पुलिस बूथ की स्थापना, आवासीय क्षेत्र में अनाधिकृत लोगों के प्रवेश पर रोक, सीसीटीवी कैमरे लगवाने की मांगे रखी गई थी। जिस पर कॉलेज प्रशासन की तरफ से सकारात्मक पहल किए जाने का आश्वासन भी मिला था।
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डीएम-एसपी ने भी जांची थी सुरक्षा व्यवस्था
पिछले सप्ताह डीएम रवीश गुप्ता और एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। इन अधिकारियों ने गेट, परिसर और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया था। डीएम ने अविलंब सीसीटीवी कैमरे लगवाने और लाइटिंग व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। इसी के बाद कार्यों में और तेजी आई है।
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पहले ही चरण में लगेंगे 50 कैमरे
कॉलेज प्रशासन की तरफ से ओपेक चिकित्सालय कैली में दोनों मुख्य द्वार, अस्पताल परिसर, आवासीय क्षेत्र, ओपीडी, भवन के अंदर के सार्वजनिक रास्ते, गलियारे आदि जगहों पर कुल 50 कैमरे लगाए जाएंगे। इन पर निगरानी के लिए एक कम्यूनिटी हॉल भी स्थापित किया जा रहा है। इसमें शिफ्ट कर्मचारियों की ड्यूटी होगी। कैमरे के जरिये चप्पे- चप्पे पर नजर रखी जाएगी।
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सुरक्षा गार्ड बढ़ाने के लिए भेजा गया डिमांड
मेडिकल कॉलेज और ओपेक चिकित्सालय कैली में वर्तमान में 35 सुरक्षा गार्ड हैं। यहां प्रतिदिन 20 से 25 हजार लोगों का आना-जाना है। कॉलेज और अस्पताल परिसर में चिकित्सक, छात्र, स्टॉफ और उनके परिजन मिलाकर 5 से 7 हजार लोग निवास भी कर रहे हैं। कॉलेज और अस्पताल की दूरी भी सात किलोमीटर के अंतर पर है। ऐसे 24 घंटें के चक्रानुक्रम में दोनों जगह मिलाकर केवल 4 गार्ड की तैनाती हो पा रही है। कॉलेज प्रशासन दिन में भीड़ अधिक होने की वजह से अधिकांश गार्डों से डुयूटी ले रहा है। रात में एक- दो गार्ड से ही काम चलाया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से अब यहां गार्डों की संख्या बढ़ाए जाने की पहल हुई है। शासन स्तर पर 97 गार्डों की और डिमांड भेजी गई है। उम्मीद है कि इस पर जल्द स्वीकृति भी मिल जाएगी।
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सिविल वर्क का भी तैयार हो रहा प्रस्ताव
मेडिकल कॉलेज में विभिन्न तरह के निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। छात्रावास की कमी को दूर करने के लिए नए छात्रावास भवन, ओपेक चिकित्सालय कैली की चहारदीवारी की मरम्मत, पुराने भवनों की मरम्मत आदि के लिए कॉलेज प्रशासन प्रस्ताव तैयार करा रहा है। जल्द ही यह सभी प्रस्ताव शासन को प्रेषित कर दिया जाएगा।
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पृथक हॉस्टल में रहेंगे एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र
सुरक्षा की दृष्टि से एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र पृथक हॉस्टल में रखे जाएंगे, ताकि सीनियर छात्रों के रैगिंग का शिकार उन्हें न होना पड़ा। इस सत्र में प्रवेश लेने वाले 100 एमबीबीएस छात्रों के रहने के लिए इंटर्न हॉस्टल खाली कराया जा रहा है। इसमें 50 लोगों की क्षमता के महिला और इतने ही क्षमता के पुरुष हॉस्टल शामिल हैं।
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कोट
मेडिकल कॉलेज और अस्पताल परिसर की सुरक्षा पर विशेष फोकस है। लाइटिंग का कार्य पूरा करा लिया गया है। परिसर और आवासीय क्षेत्र की सभी स्ट्रीट लाइटें ठीक करा दी गई हैं। कैमरे भी लगवाने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। सुरक्षा गार्ड बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। निर्माण कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार कराए जा रहे हैं।
-डॉ. समीर श्रीवास्तव, सीएमएस
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