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Basti News: जमीन जस की तस.. सलाखों के पीछे पहुंचा कुनबा

Tue, 04 Feb 2025 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। जमीन के लालच में अंधे होकर अपनों का कत्ल करने वालों के लिए मां-बेटी हत्याकांड से बड़ा कोई सबक नहीं होगा। 12 बीघे जमीन के लिए सगा बेटा, सौतेला बेटा, देवर-देवरानी ने मिलकर मां-बेटी को मौत के घाट उतार दिया।
गैस सिलिंडर का विस्फोट कर हादसा करार देने का षड्यंत्र तक रच डाले। मगर, पासा ऐसा पलटा कि आग लगाने पर दोनों शव 80 फीसदी जल गए। मगर, सिलिंडर में विस्फोट नहीं हुआ। अब स्थिति यह है कि पूरा कुनबा सलाखों के पीछे पहुंच गया है। एक बहू-बेटा बचे हैं। इनके ऊपर भी पुलिस ने 50-50 हजार रुपये इनाम घोषित कर रखा है।
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एसटीएफ लखनऊ और जिले की पुलिस दोनों के पीछे पड़ी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों जेल के भीतर होंगे। मृतका के केस की हर्रैया राजस्व न्यायालय में पैरवी करने वाले अधिवक्ता महिनाथ त्रिपाठी बताते हैं कि अब जमीन का मसला फंस गया है। यदि केस में दोनों बेटे दोषमुक्त होंगे तो जमीन उन्हें मिलेगी। यदि दोनों को सजा हुई तो दोनों बेटियों को मिलेगी।
पुलिस की तफ्तीश में बताया गया कि कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सेंठा गांव के अवधेश उपाध्याय उर्फ ललई की दो शादी हुई थी। पहली पत्नी कौशल्या से दो संतानें करुणाकर और सुधा हैं। कौशल्या की मौत के बाद अवधेश ने गोदावरी के साथ दूसरी शादी कर ली। गोदावरी देवी से तीन संतानें सरिता, राजन और सौम्या पैदा हुईं। सबसे छोटी बेटी सौम्या के अलावा सबकी शादी हो चुकी है।
वर्ष 2021 में अवधेश को कैंसर हो गया तो इलाज कराने के लिए बेटों ने पिता का साथ नहीं दिया।
पिता की जिंदगी बचाने के लिए तीनों बेटियाें सुधा, सरिता और सौम्या ने पूरी ताकत झोंक दी। दो जवान बेटों के रहते हुए बेटियों ने रिश्तेदारों का सहारा लेकर पिता का इलाज कराया।
बेटों के व्यवहार से क्षुब्ध होकर अवधेश उपाध्याय ने सेंठा गांव की करीब दो बीघा जमीन छोटी बेटी सौम्या के नाम उसकी शादी और पढ़ाई के लिए और बाकी जमीन पत्नी गोदावरी देवी के नाम वसीयत कर दी थी।
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गोदावरी की बेटी सरिता ने बताया कि पिता ने दोनों बेटों को पैकोलिया थाना क्षेत्र के जोकहा में नवासे की जमीन सौंप दी थी। वर्ष 2021 के अक्तूबर में उनकी मौत हो गई। कर्मकांड के बाद जब दोनों बेटों को जमीन वसीयत करने की भनक लगी तो दोनों एसडीएम हर्रैया कोर्ट में आपत्ति दर्ज करते हुए केस दाखिल कर दिया।
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