नगर बाजार के बकैनिया द्वीप के सिवान मे गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाते पशु। संवाद
नगर बाजार (बस्ती)। थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों छुट्टा पशुओं की बढ़ती समस्या ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। छुट्टा घूम रहे गोवंश और अन्य पशु खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को नष्ट कर रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई गांवों में स्थिति यह है कि रात के समय किसान अपने खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। फिर भी फसलों को पूरी तरह बचा पाना संभव नहीं हो पा रहा है।
नाचना, गोटवा, मरवटिया, चौबाह के रहने वालों किसानों का कहना है कि गेहूं, सरसों, आलू और सब्जियों की फसलें आवारा पशुओं का सबसे अधिक शिकार हो रही हैं। खेतों की मेड़ तोड़कर पशु अंदर घुस जाते हैं और देखते ही देखते मेहनत से उगाई गई फसल चौपट हो जाती है। इससे किसानों की लागत तक नहीं निकल पा रही है, जिससे उनमें आक्रोश और निराशा दोनों बढ़ रही है।
किसान राजेश, गुड्डू, मनोज रामू आदि ने बताया कि शासन द्वारा गोवंश संरक्षण और पशु आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। कई जगहों पर बने गोशालाओं में क्षमता से अधिक पशु होने या उचित देखरेख के अभाव में पशु फिर से सड़कों और खेतों में आ जाते हैं।
किसानों ने जिला प्रशासन और नगर थाना क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित आश्रय स्थलों में भेजा जाए तथा गोशालाओं की नियमित निगरानी की जाए।
साथ ही फसल क्षति का मुआवजा दिए जाने की भी मांग उठ रही है। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।