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सच्चिदानंद की जमानत अर्जी खारिज

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सच्चिदानंद की जमानत अर्जी खारिज
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दो साध्वियों ने यौन शोषण के आरोप में दर्ज कराया था मुकदमा
बस्ती। जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट रजनीश कुमार मिश्रा की अदालत ने बाबा सच्चिदानंद उर्फ दयानंद की जमानत अर्जी खारिज कर दी। उन पर सत्संग के बहाने अमहट पुल के पास स्थित आश्रम में दो साध्वियों को बुलाकर उनके साथ दुष्कर्म का आरोप है। पुलिस ने एसटीएफ की मदद से उसे दो जुलाई को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया था। शासकीय अधिवक्ता राजेश पांडेय तथा जितेंद्र चौधरी ने जमानत का विरोध किया।
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संत कुटीर आश्रम डमरुआ बस्ती में छत्तीसगढ़ से आईं दो साध्वियों ने 19 दिसंबर 2018 को आश्रम के महंत सच्चिदानंद उर्फ दयानंद और उसके सहयोगियों पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। कोतवाली पुलिस ने 26 दिसंबर 2018 को एक और साध्वी की तहरीर पर सच्चिदानंद के विरुद्ध यौन शोषण का मुकदमा दर्ज किया था। बिहार, दिल्ली, मुंबई समेत कई राज्यों में तलाश बे बाद सच्चिदानंद को मुरादाबाद से पकड़ा गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए आईजी ने 50 हजार रुपये इनाम भी घोषित किया था। इसके बाद सच्चिदानंद की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ को भी लगाया गया था। 50 हजार के इनामी गैंगरेप के आरोपी सच्चिदानंद की गिरफ्तारी एसटीएफ ने मुरादाबाद में की थी। जिसके बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ भी लगाई गई थी।
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