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ऑक्सीजन प्लांट चलाने के लिए नहीं मिले तकनीशियन

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ऑक्सीजन प्लांट चलाने के लिए नहीं मिले तकनीशियन
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ओपेक चिकित्सालय में स्थापित कराए गए हैं तीन प्लांट
नौ तकनीशियन की जरूरत, सभी पद खाली
बस्ती। कोरोना काल में ऑक्सीजन के संकट से निपटने के लिए मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना तो करा दी गई, लेकिन इसके संचालन में रोड़ा फंसा है। प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की है, लेकिन उसके पास टेक्नीशियन ही नहीं हैं। सामान्य स्थिति में भी इसका उपयोग शुरू नहीं हो सका है।
कोरोना काल में एक समय ऐसा था, जब ऑक्सीजन के लिए लोग परेशान थे। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई तो सभी ने राहत की सांस ली। ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए सरकार पहले से ही तैयारी कर चुकी है। अस्पतालों में वार्ड बना दिए गए हैं और ऑक्सीजन प्लांट लगा दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में तीन ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं। एक प्लांट से आईसीयू को ऑक्सीजन की सप्लाई दी जाती है। इसके अलावा कोविड वार्ड में भी बेड पर आपूर्ति की व्यवस्था बनाई जा रही है। इसके बावजूद ऑक्सीजन प्लांट को संचालित करने वाले नहीं हैं।
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24 घंटे के लिए प्रत्येक प्लांट पर कम से कम तीन टेक्नीशियन की जरूरत है। इसके सापेक्ष कैली में एक भी टेक्नीशियन नहीं है। अस्पताल में टेक्नीशियन का कोई पद सृजित भी नहीं है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन आउट सोर्सिंग के आधार पर टेक्नीशियनों की तैनाती की थी, जिसे बाद में हटा दिया गया।
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चिकित्सकों की मानें तो कभी भी अचानक अधिक मात्रा में जरूरत पड़ने पर स्थिति बिगड़ जाएगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई है। यहां छह लोगों को प्रशिक्षण दिलाया गया है, मगर ऑक्सीजन प्लांट के लिए ऑपरेटर अथवा टेक्नीशियन का कोई पद स्वीकृत नहीं है। डिमांड भेजी गई है।
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