बस्ती। चीनी मिलों का पेराई सत्र समाप्ति की ओर है। बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल रुधौली और मुंडेरवा चीनी मिल का गन्ना पेराई कार्य बंद हो चुका है। जबकि चीनी मिल बभनान में अभी भी गन्ना पेराई का कार्य चल रहा है। गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में बभनान चीनी मिल सबसे आगे चल रही है। वहीं रुधौली चीनी मिल काफी पीछे है।
गन्ना किसानों के भुगतान के मामले में बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड इकाई बभनान सबसे आगे है। गन्ना महाप्रबंधक दिनेश राय ने बताया कि 25 मार्च तक गन्ना किसानों के बैंक खाते में 381 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। दो अप्रैल तक 110.71 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद कर पेराई की गई है। जबकि राज्य चीनी एवं गन्ना विकास निगम लिमिटेड इकाई मुंडेरवा चीनी मिल के मुख्य गन्ना प्रबंधक रविंद्रधर द्विवेदी ने बताया कि 15 मार्च तक 160 करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना किसानों के बैंक खाते में किया गया है। चीनी मिल पर अब भी गन्ना किसानों का 9 करोड़ 55 लाख रुपये बचा है। इस बार कुल 46 लाख 56 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की गई है।
भुगतान के मामले में सबसे पीछे बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल रुधौली है। रुधौली चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक राजीव शर्मा ने बताया कि 16 दिसंबर 2024 तक 22.76 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। जबकि 82 करोड़ रुपये अब भी बकाया है। उन्होंने बताया कि इस बार कुल 28 लाख 76 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की गई है। 28 फरवरी को चीनी मिल का पराई कार्य बंद हो गया है।